तालिबान ने ली कराची हमले की ज़िम्मेदारी

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पाकिस्तानी तालिबान ने रविवार रात शहर कराची के नौसेना के मेहरान हवाई ठिकाने पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

तटीय शहर कराची के नौसेना ठिकाने पर कल रात आधुनिक हथियारों से लैस क़रीब दर्जन भर बंदूक़धारियों ने घुसकर धमाके किए और फिर गोलीबारी शुरू कर दी जो रात भर जारी रही.

बंदूक़धारियों ने चीन के फ़ौजी अधिकारियों समेत कुछ लोगों को बंदी बनाया हुआ है.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि चरमपंथियों को फौजी ठिकाने के एक क्षेत्र में रोक लिया गया है. हालांकि वो एक ऊँची इमारत में घुसकर वहाँ से गोलियाँ चला रहे हैं.

कराची में पाकिस्तानी नौसेना पर इसी माह हुए दो पहले हमलों की ज़िम्मेदारी भी तालिबान ने क़बूल की थी.

अल-क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद तालबान ने एलान किया था कि वो उनकी मौत का बदला लेगा.

हमले में अबतक कम से कम 11 लोग मारे जा चुके हैं और अरबों डालर के नौसेना के जहाज़ों को क्षति पहुँची है.

जहाज तबाह

नौसेना के एक अधिकारी ने कहा कि हमले में नौसेना का एक विमान पी थ्री ओरियन तबाह हो गया है जबकि बेस पर मौजूद कुछ हेलिकॉप्टरों को भी नुक़सान पहुंचा है.

Image caption तालिबान ने ओसामा की मौत का बदला लेने की बात कही थी.

बंदूक़धारियों ने कुछ लोगों को बंधक बनाया हुआ है जिसमें चीन के कुछ फौजी अधिकारी भी शामिल हैं.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि एक हिस्से में मौजूद बंदूक़धारियों को सुरक्षाबलों ने चारों तरफ़ से घेर रखा है.

सैन्य अधिकारियों का कहना है कि रविवार की रात 10 बजकर 40 मिनट के आस पास 12 से 15 हमलावरों ने नौसेना के बेस मेहरान में खड़े हैलीकॉप्टरों को निशाना बनाया और हथगोले फ़ेंके और फ़ाइरिंग की.

मारे जाने वालों में लेफ़्टिनेंट यासिर भी शामिल हैं.

रात कराची पहुँचे के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा था, ''तालिबान और अल-क़ायदा पाकिस्तान के दुश्मन हैं. इस तरह के हमले कर वह पाकिस्तान के दुश्मन की मदद कर रहें हैं.''

उन्होंने कहा कि जो लोग अल-क़ायदा या तालिबान के लिए दुआ करते हैं वह ना तो मुसलमान हैं और ना ही पाकिस्तानी.

नौसेना के प्रवक्ता कमोडोर इरफ़ानुल हक़ ने बीबीसी को बताया कि चरमपंथियों ने मैरीटाइम निगरानी करने वाले एक जहाज़ पी थ्री ओरियन को निशाना बनाया जिसमें वह पूरी तरह तबाह हो गया है.

हालांकि गृह मंत्री ने नुक़सान पर कुछ कहने से फ़िलहाल मना कर दिया है.

काला धुँआ

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Image caption फौजी ठिकाने पर मौजूद सुरक्षाबलों की मदद के लिए और दस्ते भेजे गए हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बेस के भीतर से धुआँ उठता हुआ दिख रहा है.

पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने इलाक़े को घेरे में लिया हुआ है और वहाँ किसी को जाने की इजाज़त नहीं है.

प्रत्यक्षदर्शियों को कहना है कि नौसेना के बेस मेहरान में उसी जगह धमाके हुए जहाँ नौसेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टर खड़े रहते हैं.

ग़ौरतलब है कि कराची के जिस इलाक़े में धमाके हुए हैं वह पाकिस्तानी सेना का इलाक़ा है.

कराची का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे भी फौजी ठिकाने के पास ही है.

पाकिस्तानी वायुसेना और नौसेना के बेस सटे हुए हैं और यह शहर के मुख्य मार्ग शाहरा-ए-फ़ैसल पर स्थित हैं.

कराची धमाकों के बाद देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और इस्लामाबाद सहित कई शहरों में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं.

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