'शहज़ाद की मौत की जांच का स्वागत'

सलीम शहज़ाद ( पाकिस्तानी पत्रकार)

शहज़ाद की मौत ने एक दफ़ा फिर पाकिस्तान में रिपोर्टिंग करने से जुड़े ख़तरे को उजागर किया है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तानी पत्रकार सलीम शहज़ाद की मौत की जांच के आदेश का स्वागत किया है.

इससे पहले हिलेरी क्लिंटन ने सलीम शहज़ाद की मौत की कड़ी निंदा की थी.

हिलेरी ने कहा था, ''अमरीका पत्रकार सलीम शहज़ाद के अग़वा और फिर हत्या किए जाने की कड़ी निंदा करता है. आतंकवाद और ख़ुफ़िया मामलों पर उनकी रिपोर्टों ने इस बात पर रोशनी डाली है कि चरमपंथ किस तरह पाकिस्तान के स्थायित्व के लिए ख़तरा बनता जा रहा है.''

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पत्रकार की मौत की जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा.

चालीस वर्षीय सलीम शहज़ाद ईटली की एक समाचार एजेंसी और हॉंग कॉग में पंजीकृत एक न्यूज़ वेबसाइट 'एशिया टाइम्स' के लिए काम करते थे.

अमरीका पत्रकार सलीम शहज़ाद के अग़वा और फिर हत्या किए जाने की कड़ी निंदा करता है. आतंकवाद और ख़ुफ़िया मामलों पर उनकी रिपोर्टों ने इस बात पर रोशनी डाली है कि चरमपंथ किस तरह पाकिस्तान के स्थायित्व के लिए ख़तरा बनता जा रहा है.

हिलेरी क्लिंटन, अमरीकी विदेश मंत्री

रविवार शाम को कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें उस समय अग़वा कर लिया था जब वो अपने इसलामाबाद स्थित घर से एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू देने जा रहे थे. बाद में मंगलवार को पंजाब प्रांत के मंडी बहाउद्दीन इलाक़े से उनकी लाश मिली थी.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के प्रवक्ता फ़रहतुल्लाह बाबर मंगलवार को शहज़ाद के घर गए और परिवार वालों से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की.

बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ''जो कुछ भी हुआ है हम उसकी घोर निंदा करते हैं. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने इस घटने की निंदा की है और अपने दिल की गहराईयों से शोक प्रकट किया है. राष्ट्रपति ने इसकी जांच के तुरंत आदेश दे दिए हैं और दोषियों को गिरफ़्तार करने को कहा है.''

जो कुछ भी हुआ है हम उसकी घोर निंदा करते हैं. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने इस घटने की निंदा की है और अपने दिल की गहराईयों से शोक प्रकट किया है. राष्ट्रपति ने इसकी जांच के तुरंत आदेश दे दिए हैं और दोषियों को गिरफ़्तार करने को कहा है.

फ़रहतुल्लाह बाबर, राष्ट्रपति के प्रवक्ता

'अल-क़ायदा'

अग़वा होने से दो दिन पहले एशिया टाइम्स मे उन्होंने एक रिपोर्ट लिखी थी जिसमें उन्होंने दावा किया था कि पिछले हफ़्ते कराची में पाकिस्तानी नौसेना के एक अड्डे पर हुए हमले की असल वजह अल-क़ायदा और नौ सेना में जारी बातचीत का विफल होना था.

सलीम की रिपोर्ट के मुताबिक़ अल-क़ायदा से कथित संपर्क रखने के आरोप में नौ सेना के कुछ अधिकारियों को गिरफ़्तार किया गया था.

शहज़ाद ने पहले कई दफ़ा पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से धमकी मिलने की बात कही थी.

अली दायान हसन, ह्यूमन राईट्स वाच के एक शोधकर्ता

उन अधिकारियों को छुड़ाने के लिए अल-क़ायदा और नौ सेना में बातचीत चल रही थी, लेकिन जब बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला तो इसका बदला लेने के लिए अल-क़ायदा ने नौसेना के अड्डे पर हमला किया.

बाइस मई को हुए उस हमले में 10 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और नेवी के दो हेलिकॉप्टर नष्ट कर दिए गए थे.

ह्यूमन राईट्स वाच के एक वरिष्ठ शोधकर्ता अली दयान हसन ने शहज़ाद की मौत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शहज़ाद ने पहले कई दफ़ा पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई से धमकी मिलने की बात कही थी.

आईएसआई पर चरमपंथी संगठनों से सांठ गांठ रखने के आरोप हमेशा लगते रहें हैं.

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