हामिद करज़ई पाकिस्तान की यात्रा पर

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Image caption हामिद करज़ई दो दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान पहुँचे हैं.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर पाकिस्तान पहुँच गए हैं.

पिछले महीने ऐबटाबाद में हुई अमरीकी कार्रवाई में अल-क़ायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद उनकी यह पहली पाकिस्तान यात्रा है.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई अपने समकक्ष राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी, प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अपनी यात्रा के दौरान एक बार फिर तालिबान चरमपंथियों से शांति वार्ता के लिए पाकिस्तानी सरकार का सहयोग मांगेंगे.

उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के नेता अफ़ग़ानिस्तान के तालिबान विद्रोहियों के साथ बातचीत के लिए अपनी कोशिशें तेज़ करेंगे और माना जा रहा है कि ताबिलान से बातचीत के लिए पाकिस्तान महत्वपूर्ण है.

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता हारुन रशीद का कहना है कि हामिद करज़ई की पाकिस्तानी नेतृत्व से होने वाली मुलाक़ातों में किसी बड़ी प्रगति की उम्मीद कम है.

हामिद करज़ई की यात्रा के दौरान पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच शांति आयोग की बैठक भी होनी है और ओसामा की मौत के बाद यह पहली बैठक है.

'आतंकवाद के ख़िलाफ़ एकजुट'

ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद कुछ अफ़ग़ान अधिकारियों से प्रस्ताव दिया था कि 'आतंकवाद' के ख़िलाफ़ चल रहा युद्ध अफ़ग़ानिस्तान के बजाए पाकिस्तान में लड़ा जाना चाहिए.

अफ़ग़ान राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वॉशिंगटन अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेना की संख्या को कम करने के बारे में कुछ हफ़्तों के दौरान घोषणा करने वाला है.

इस्लामाबाद स्थित अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत मोहम्मद उमर दाऊदज़ई ने कहा कि दोनों पड़ोसी देश विश्वास बहाली के बाद अब इस स्थिति में हैं कि संयुक्त रुप से समस्याओं के हल के लिए उचित क़दम उठाएँ.

उन्होंने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्रपति हामिद करज़ई अपनी पाकिस्तानी यात्रा के दौरान इन मुद्दों पर पाकिस्तानी नेतृत्व से बातचीत करेंगे.

उन्होंने बताया कि कुछ सालों में दोनों देशों के बीच संबंध बहतर हुए हैं और अब आतंकवाद के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की कोशिशों को शक़ की निगाह से नहीं देखा जा रहा है.

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