मुशर्रफ़ के खिलाफ़ अंतिम वारंट जारी

परवेज़ मुशर्रफ़
Image caption अदालत ने परवेज़ मुशर्रफ़ की संपत्ति और चल संपत्ति की भी जानकारी तलब की है.

पाकिस्तानी की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मुक़दमे में पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ़ की गिरफ़्तारी का अंतिम वारंट जारी कर दिया है.

बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक के मुताबिक रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत के जज राणा निसार ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मुक़दमे की सुनवाई के दौरान यह वारंट जारी किए.

सुरक्षा कारणों से इस मुक़दमे की सुनवाई रावलपिंडी की अड्याला जेल में होती है जहाँ बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के आरोप में सात अभियुक्त क़ैद हैं.

इनमें दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं.

अदालत ने परवेज़ मुशर्रफ़ की संपत्ति और चल संपत्ति की भी जानकारी तलब की है.

अदलात ने पिछली सुनवाई में परवेज़ मुशर्रफ़ को भगोड़ा क़रार देते हुए उन्हें अदालत में पेश होने का आदेश दिया था.

अदालत ने इसके लिए उन्हें कुछ समय दिया था. समय ख़त्म होने बाद अदालत ने उनकी गिफ़्तारी के लिए अंतिम वारंट जारी कर दिया.

'भुट्टो को सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई'

परवेज़ मुशर्रफ़ के अंतिम वारंट जारी होने के बाद इस मुक़दमे में गिरफ़्तार हुए अन्य सात अभियुक्त रावलपिंडी के पूर्व पुलिस प्रमुख सऊद अज़ीज़, एसपी ख़ुर्रम शहज़ाद, रफ़ाक़त, हसनैन गुल, ऐतिज़ाज़ शाह, शेर ज़मान और क़ारी अब्दुर्रहमान पर आगामी 25 जून को अभियोग लागू किया जाएगा.

अदालत ने इस मुक़मदे में अपना फ़ैसला सुनाने के बाद सनवाई 25 जून तक स्थागित कर दी.

ग़ौरतलब है कि दिसंबर 2007 में एक चुनावी सभा के बाद हुए आत्मघाती हमले में बेनज़ीर भुट्टो की मौत हो गई थी.

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि परवेज़ मुर्शरफ़ ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो को पूरी सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई थी जो उनकी मौत का कारण बनी.

मुर्शरफ़ इन दिनों लंदन में रहते हैं और फ़िलहाल इस बात के कोई संकेत नहीं है कि वहाँ की सरकार उन्हें वापस पाकिस्तान भेजने की पहल करेगी या नहीं.

पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है.

हाल ही में पाकिस्तान दौरे पर आए ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा था कि प्रत्यर्पण की मांग करने पर उनकी सरकार उस पर विचार करेगी.

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