मेजर जनरल पर युवक की 'हत्या' की गाज

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Image caption युवा की मौत के आरोप में रैंजर्स के जवानों को अदालत में पेश किया गया.

पाकिस्तानी सेना ने सिंध प्रांत में अर्धसैनिकबलों के प्रमुख मेजर जनरल ऐजाज़ चौधरी को उनके पद से हटा दिया है.

सेना की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सिंध रैंजर्स के मुख्य निदेशक मेजर जनरल ऐजाज़ चौधरी को उनके पद से हटा दिया है.

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी हिंदी संवाददाता हफ़ीज़ चाचड़ के मुताबिक़ कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने कराची में अर्धसैनिक बलों की गोलीबारी में युवा की मौत पर नाराज़गी जताते हुए गृह मंत्रालय को सिंध के अर्धसैनिक बलों के प्रमुख और पुलिस प्रमुख को हटाने का आदेश दिया था.

मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार मौहम्मद चौधरी ने कराची में युवा सरफ़राज़ शाह की मौत के मामले में अपने आप संज्ञान लिया था और सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को हटाने का आदेश दिया.

'अदालत का आदेश'

इस मुक़दमे की सुनवाई मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी, जस्टिस जावेद इक़बाल, जस्टिस नसीरुल मुल्क, जस्टिस तारिक़ परवेज़ और जस्टिस आमिर हानी मुस्लिम ने की थी.

गृह मंत्रालय ने अभी तक सिंध पुलिस के प्रमुख फ़याज़ लग़ारी को हटाने पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है.

ग़ौरतलब है कि आठ मई को कराची में अर्धसैनिकबलों के जवानों ने दिन दहाड़े एक युवा सरफ़राज़ शाह पर गोली चलाई थी जिसमें वे मारे गए थे.

एक सिंध टीवी चैनल 'आवाज़ न्यूज़' के कैमरामेन ने इस पूरे दृश्यों को अपने कैमरा में क़ैद कर लिया था जिनको बाद में जान से मारने की धमकियाँ दी गई थीं.

आवाज़ न्यूज़ पर दिखाई जा रही फ़ुटेज के अनुसार एक व्यक्ति एक युवा को बालों से पकड़ कर पार्क के अंदर से लाता है और उसे सुरक्षाकर्मियों के हवाले करता है.

'घटना की देशव्यापी निंदा'

उसके बाद वो युवक दया की भीख माँगता दिखाई देता है लेकिन एक सुरक्षाकर्मी युवा को क]रीब से गोली मारता है जो उसकी टांग पर लगती है और वो गिर जाता है जिसके बाद उनकी मृत्यु हो जाती है.

इस विडियो रिकार्डिंग को पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर बार-बार दिखाया गया था. जिसके बाद देश भर में इस घटना की भारी निंदा हुई थी.

संसद में इस घटना का जमकर विरोध किया गया था और विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया था. विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ के सांसद रफ़ीक़ ने सुरक्षाबलों की कड़ी आलोचना की थी और निष्पक्ष जाँच करवाने की माँग की थी.

बाद में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पूरे मामले की जाँच का आदेश दिए थे.

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