पाकिस्तानी मुक्केबाज़ की हत्या

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Image caption घायल इबरार हुसैन को अस्पताल ले जाया गया मगर उनकी जान नहीं बचाई जा सकी

पाकिस्तान में तीन ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले चुके एक पूर्व मुक्केबाज़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

अधिकारियों के अनुसार पूर्व मुक्केबाज़ इबरार हुसैन पर बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में अज्ञात हमलावरों ने गोलियाँ चलाईं जिससे उनकी मौत हो गई.

इबरार हुसैन ने 1984, 1988 और 1992 के ओलंपिक खेलों में पाकिस्तानी मुक्केबाज़ी टीम के सदस्य थे और उन्होंने एक बार पाकिस्तान के लिए ओलंपिक रजत पदक जीता था.

उन्होंने 1990 के बीजिंग एशियाई खेलों में लाइट मिडलवेट वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था.

इबरार हुसैन बलूचिस्तान के हज़ारा समुदाय से आते थे जो शिया मुसलमानों में गिने जाते हैं.

बलूचिस्तान में अक्सर सुन्नी अतिवादी गुट हज़ारा शियाओं को निशाना बनाते रहे हैं.

पिछले महीने भी क्वेटा के दो हज़ारा बहुल इलाक़ों में अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में 15 लोग मारे गए थे.

बाद में सुन्नी गुट लश्करे झांगवी ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी.

हत्या

50 वर्षीय इबरार हुसैन बलूचिस्तान के खेल बोर्ड के अध्यक्ष थे.

अधिकारियों के अनुसार इबरार हुसैन अपने दफ़्तर से घर लौट रहे थे जब दोपहर के समय अयूब स्टेडियम के निकट जेल रोड पर उनकी गाड़ी पर हमला किया गया.

एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा,"मोटरसाइकिल से जा रहे जो दो बंदूकधारियों ने इबरार हुसैन पर गोलियाँ चलाईं, जब वे अपने दफ़्तर से बाहर आ रहे थे".

गोली लगने के बाद हुसैन को पास के सैनिक अस्पताल ले जाया गया मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका.

पाकिस्तान मुक्केबाज़ी संघ के महासचिव मोहम्मद अकबर ख़ान ने बताया कि इबरार हुसैन की हत्या पाकिस्तान की मुक्केबाज़ी के लिए एक बड़ा नुक़सान है.

अकबर ख़ान ने कहा,"ये पाकिस्तान के लिए एक बड़ा नुक़सान है क्योंकि वे युवा मुक्केबाज़ों को प्रशिक्षण दिलाने के लिए ख़ूब मेहनत कर रहे थे".

पाकिस्तान की हज़ारा डेमोक्रेटिक पार्टी ने इबरार हुसैन हज़ारा की हत्या पर अफ़सोस प्रकट करते हुए सूबे में तीन दिन के शोक का एलान किया है.

पार्टी के अध्यक्ष अब्दुल ख़ालिक हज़ारा ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार मज़हबी आतंकवाद को रोकने में नाकाम साबित हो चुकी है.

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