'पाक ब्रिगेडियर हिरासत में'

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Image caption ब्रिगेडियर अली दो सालों तक सेना मुख्यालय में तैनात थे.

पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को एक प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन से संबंध रखने के आरोप में हिरासत में लिया गया है.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने इसकी पुष्टि की और एक एसएमएस संदेश के जवाब में कहा कि ब्रिगेडियर अली, सेना की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ हो रही है.

मेजर जनरल अतहर अब्बास ने कहा, “यह बात सही है कि वो हिरासत में हैं. उनके प्रतिबंधित चरमपंथी गुट के साथ तालु्क़्कात थे जिसकी जाँच की जा रही है.”

उन्होंने इस मामले में और जानकारी देने से इंकार कर दिया और कहा कि इससे जाँच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

ग़ौरतलब है कि ब्रिगेडियर अली पिछले दो सालों से रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय में तैनात थे लेकिन पिछले लगभग महीने भर से उन्हें ग़ायब बताया जा रहा था.

'चरमपंथियों से संपर्क का आरोप'

ब्रिगेडियर अली के परिवार के क़रीबी सूत्रों के मुताबिक़ वो छह मई की शाम घर नहीं लौटे और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से संपर्क करने पर पता चला कि सेना ने उन्हें जाँच के लिए रोक लिया है. कहा गया कि वो जल्द घर लौट आएँगे.

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने अपना नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर बीबीसी को बताया कि अभी तक ब्रिगेडियर अली के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दायर नहीं किए गए हैं. लेकिन पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं.

ब्रिगेडियर अली के परिजन इस मामले पर मीडिया को किसी प्रकार का बयान नहीं दे रहे हैं और न ही इस मामले को अदालत में ले जाना चाहते हैं.

उनके परिवार को उम्मीद है कि पाकिस्तानी सेना उन्हें जल्द रिहा कर देगी.

ग़ौरतलब है कि ब्रिगेडियर अली का परिवार पिछली तीन पीढ़ियों से पाकिस्तानी सेना से जुड़ा हुआ है. उनके पिता सेना में अधिकारी थे. उनके छोटे भाई भी सेना में उच्चाधिकारी हैं और ख़ुफ़िया एजेंसी में अहम पद कार्यरत हैं जबकि उनका बेटा भी फ़ौज में कैप्टन के पद पर हैं.

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