'सेना के चार और अधिकारियों की जांच'

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Image caption ब्रिगेडियर अली को पिछले महीने हिरासत में लिया गया था.

पाकिस्तानी सेना का कहना है कि चरमपंथी संगठन से संबंध होने के आरोप में चार ओर सैन्य अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजन जनरल अथर अब्बास ने बीबीसी को बताया कि चरमपंथी गुट हिज़बुत्तहरीरी से संबंध होने के आरोप में मेजर के पद पर नियुक्त सेना के चार अधिकारियों की जांच शुरु हो गई है.

उन्होंने बताया कि ब्रिगेडियर अली ख़ान के मामले में इन अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है.

ग़ौरतलब है कि सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर अली ख़ान को पिछले महीने हिरासत में लिया गया था और इसकी पुष्टि मंगलवार को की गई थी.

ब्रिगेडियर हिरासत में

ब्रिगेडियर अली पिछले दो सालों से रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय में तैनात थे लेकिन पिछले लगभग महीने भर से उन्हें ग़ायब बताया जा रहा था.

ब्रिगेडियर अली के परिवार के क़रीबी सूत्रों के मुताबिक़ वो छह मई की शाम घर नहीं लौटे और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से संपर्क करने पर पता चला कि सेना ने उन्हें जाँच के लिए रोक लिया है. कहा गया कि वो जल्द घर लौट आएँगे.

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने अपना नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर बीबीसी को बताया था कि अभी तक ब्रिगेडियर अली के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दायर नहीं किए गए हैं. लेकिन पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं.

ब्रिगेडियर अली के परिजन इस मामले पर मीडिया को किसी प्रकार का बयान नहीं दे रहे हैं और न ही इस मामले को अदालत में ले जाना चाहते हैं.

उनके परिवार को उम्मीद है कि पाकिस्तानी सेना उन्हें जल्द रिहा कर देगी.

ग़ौरतलब है कि ब्रिगेडियर अली का परिवार पिछली तीन पीढ़ियों से पाकिस्तानी सेना से जुड़ा हुआ है. उनके पिता सेना में अधिकारी थे. उनके छोटे भाई भी सेना में उच्चाधिकारी हैं और ख़ुफ़िया एजेंसी में अहम पद पर कार्यरत हैं जबकि उनका बेटा भी फ़ौज में कैप्टन के पद पर हैं.

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