'तालिबान से बातचीत के लिए प्रयास तेज़'

तालिबान
Image caption अफ़ग़ान समस्या के हल केलिए अब तालिबान से बातचीत की जा रही है.

पाकिस्तान का कहना है कि अफ़ग़ान तालिबान के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने की रणनीति पर पाकिस्तानी और अफ़ग़ान अधिकारियों के बीच वार्ता हो रही है.

अफ़ग़ानिस्तान स्थित पाकिस्तान के राजदूत मोहम्मद सादिक़ ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की समस्या के राजनीतिक समाधान के लिए तालिबान से बातचीत बहुत ही महत्वपूर्ण है.

उन्होंने बताया कि मंगलवार को काबुल में अमरीका, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों की मुलाक़ात हुई जिसमें तालिबान से बातचीत की प्रक्रिया शुरु करने पर ज़ोर दिया गया.

मोहम्मद सादिक़ के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान की समस्या के राजनीति समाधान के लिए पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों की काबुल में अलग से बैठक हो रही है.

ग़ौरतलब है कि 11 जून को पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों की बैठक हुई थी जिसमें पाकिस्तान के क़बायली इलाक़ों में मौजूद चरमपंथी गुटों के साथ संपर्क करने के लिए एक समीति का गठन किया गया था.

यह समीति ऐसे चरमपंथी गुटों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है जो अफ़ग़ानिस्तान में अतंरराष्ट्रीय सेनाओं पर हमले करते हैं.

इससे पहले पाकिस्तानी राजदूत ने कहा था कि वे अफ़ग़ानिस्तान की सरकार ओर तालिबान के साथ बातचीत की प्रक्रिया का समर्थन करेंगे लेकिन उस बातचीत में सीधे तौर पर हिस्सा नहीं लेंगे.

'पाकिस्तान की अहम भूमिका'

मंगलवार को काबुल में पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और अमरीका के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई. पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर सहित आईएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.

विदेश सचिव सलमान बशीर ने कहा कि पाकिस्तान उस वार्ता में अफ़ग़ानिस्तान की मदद के लिए तैयार है. तालिबान के साथ यह बातचीत अफ़ग़ानिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान 2002 से यह कहता रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान समस्या का समाधान युद्ध से नहीं बल्कि बातचीत से ही संभव है.

जब सलमान बशीर से पूछा गया कि पाकिस्तानी तालिबान से भी बातचीत की जाएगी तो उन्होंने कहा कि वे केवल अफ़ग़ान तालिबान के साथ बातचीत करने की बात कर रहे हैं.

दूसरी ओर काबुल स्थित अमरीकी दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी से बातचीत करते हुए तालिबान के ख़िलाफ़ कार्रवाईयों के उल्लेख में पाकिस्तान को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया.

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