'अमरीका शम्सी एयर बेस ख़ाली करे'

अहमद मुख्तार
Image caption पाक रक्षा मंत्री ने कहा था कि ऐबटाबाद की कार्रवाई में कोई चूक नहीं हुई थी

रक्षा मंत्री चौधरी अहमद मुख़्तार के अनुसार पाकिस्तान ने अमरीका से बलूचिस्तान स्थित शम्सी एयर बेस को ख़ाली करने का कहा है जो ड्रोन हमलों केलिए इस्तेमाल किया जाता था.

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “हमने अमरीकियों को शम्सी एयर बेस ख़ाली करने केलिए कहा है और उन्होंने इस संबंध में कुछ समय मांगा है.”

उन्होंने कहा कि दो मई को ऐबटाबाद में हुई अमरीकी कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अमरीका और पाकिस्तान के संबंधों में काफ़ी तनाव पैदा हो गया है.

उनके मुताबिक़ दोनों देश बातचीत और भविष्य में इस प्रकार की साझा कार्रवाइयों से ही संबंधों में तनाव को कम कर सकते हैं.

ग़ौरतलब है कि कुछ महीने पहले अमरीकी वेबसाइट गूगल अर्थ पर बलूचिस्तान प्रांत में स्थित शम्सी एयर बेस पर अमरीकी मानवराहित विमानों को दिखाया गया था.

इस्लामाबाद स्थित अमरीकी दूतावास के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि शम्सी एयर बेस पर कोई अमरीकी सैनिक मौजूद नहीं है लेकिन उन्होंने अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी के अधिकारियों की शम्सी एयर बेस पर मौजूदगी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.

अमरीकी टीवी चैनल सीएनएन ने अप्रैल में ख़बर दी थी कि लाहौर में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के अधिकारी रेमंड डेविस की गिरफ़्तारी के बाद पाकिस्तान ने अमरीका को शम्सीएयर बेस को ख़ाली करने का कहा था.

'मुल्ला उमर पाकिस्तान में नहीं'

तालिबान के वरिष्ठ नेता मुल्ला उमर के बारे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, “अगर वह पाकिस्तान में था भी तो ऐबटाबाद घटना के बाद पाकिस्तान छोड़ चुका होगा.”

इससे पहले अमरीका के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी विलियम मैकरोन ने कहा था कि तालिबान के वरिष्ठ नेता मुल्ला उमर पाकिस्तान में ही हैं और पाकिस्तानी सेना तुरंत उनकी तलाश करे.

चौधरी अहमद मुख़्तार ने काफ़ी समय बाद बीबीसी को इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए ऐबटाबाद में हुई अमरीकी कार्रवाई में सुरक्षा की कोई चूक नहीं थी.

उन्होंने कहा था, “ऐबटाबाद की घटना में कोई चूक नहीं थी और उन्होंने जिस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जिससे उन्हें रोकना काफ़ी मुश्किल हो गया था."

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