समलैंगिकों के कार्यक्रम की निंदा

समलैंगिक
Image caption पाकिस्तानी समाज में समलैंगिकों की आलोचना होती है.

पाकिस्तान के धार्मिक संगठनों ने इस्लामाबाद स्थित अमरीकी दूतावास में आयोजित समलैंगिकों के एक कार्यक्रम की कड़े शब्दों में निंदा की है.

अमरिकी दूतावास की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक़ 26 जून को अमरीकी राजदूत ने पाकिस्तान के समलैंगिकों को दूतावास में आमंत्रित किया था और उन्हें उनके अधिकारों के बारे में आश्वासन दिया था.

बयान में बताया गया है कि इस कार्यक्रम में करीब 75 लोगों ने भाग लिया जिसमें दूतावास के कार्मचारी, अमरीकी सैन्य अधिकारी, विदेशी राजदूत और पाकिस्तान के समलैंगिक शामिल थे.

पाकिस्तान के धार्मिक दल जमात-ए-इस्लामी सहित दूसरे संगठनों ने एक संयुक्त बयान जारी कर अमरीकी दूतावास में हुए कार्यक्रम की कड़े शब्दों निंदा की है.

'ड्रोन हमलों से भी ख़तरनाक'

बयान में कहा गया है कि अमरीकी सरकार ने इस्लाम और पाकिस्तान के साथ दुश्मनी की सभी सीमाएँ पार कर दी हैं.

धार्मिक संगठनों ने अपने बयान में आगे कहा कि अमरीकी दूतावास की ओर से समलैंगिकों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजन करना ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद से सबसे बड़ा और ख़तरनाक हमला है.

धार्मिक सगंठनों ने इस कार्यक्रम को सामाजिक आतंकवाद और इस्लाम धर्म के ख़िलाफ़ साज़िश क़रार दिया है.

बयान में पाकिस्तानी सरकार से मांग की गई है कि वह इस कार्यक्रम का नोटिस ले और जिन लोगों ने उस कार्यक्रम में भाग लिया उनको गिरफ़्तार कर उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया जाए.

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