कराची:हिंसक घटनाओं में 15 की मौत

कराची
Image caption कराची में पिछले कई सालों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

कराची में पिछले 24 घंटों के भीतर हिंसक घटनाओं में 15 लोग मारे गए हैं जिसमें अधिकतर मज़दूर शामिल हैं.

पुलिस के मुताबिक़ बुधवार की सुबह कुछ अज्ञात लोगों ने एक यात्री बस को रोक कर ड्राईवर सहित चार यात्रियों को अग़वा कर लिया और बाद में उन लोगों के शव मिले जिनके चहरों पर गोलियाँ गली हुई थी.

कराची पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि मरने वाले शहर के लांढी इलाक़े के निवासी थे और मज़दूरी कर अपने बच्चों केलिए कमाते थे.

उन्होंने बताया कि मरने वालों में चार की पहचान हो गई है जिसमें बस का ड्राईवर मोहम्मद वली महसूद, ग़ुमाल जान, अहमद जान और न्याज़ जान शामिल हैं जिनका संबंध क़बायली इलाक़े बाजौड़ से था.

दूसरी ओर शहर के औरंगी टाउन इलाक़े में गोलीबारी की घटनाएँ पूरी रात जारी रहीं जिसमें दस लोग मारे गए.

शहर के कुछ इलाक़ों में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, कारोबार बंद है और यातायात न होने के बराबर है जिसकी वजह से आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

'कड़ी सुरक्षा व्यवस्था'

कराची के तनावग्रस्त इलाक़ों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाक़ों में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए हैं.

ग़ौरतलब है कि कराची में पिछले कई सालों में कथित हत्याओं का सिलसिला जारी है जिसमें सैंकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के मुताबिक़ पिछले छह महीनों में कराची में 490 लोग मारे गए हैं.

मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष ज़ोहरा यूसुफ़ ने पत्रकारों को बताया कि मरने वालों में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी शामिल हैं जबकि 250 से ज़्यादा आम नागरिक हैं.

उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में राजनीतिक दलों के 150 से ज़्याद कार्यकर्ता मारे गए जिसमें मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के 77, आवामी नेशनल पार्टी के 29, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के 26 और मुहाजिर क़ौमी मूवमेंट के 16 कार्यकर्ता शामिल हैं.

उनके मुताबिक़ कथित हत्याओं का यह सिलसिला वर्ष 2005 में शुरु हुआ था और पिछले साढ़े पांच सालों में राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के 1500 से ज़्यादा कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं.

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