'कराची में व्यापारिक प्रतिष्ठान खुल गए'

कराची(फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption कराची में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहें हैं. बाज़ार खुल गए हैं. सड़को पर वाहन दिख रहें हैं.

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में शनिवार को भय और आतंक के माहौल में कुछ हद तक बेहतरी हुई है. सड़कों पर वाहन दिख रहें हैं और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुल गए हैं.

शुक्रवार की रात रेंजर्स और पुलिस शहर के हिंसा ग्रस्त इलाक़े में दाख़िल होने में कामयाब हो गए थे, हालाकि इस कोशिश में उन्हें कई लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा था.

कराची में हिंसक घटनाओं और मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट यानि एम क्यु एम के विपक्ष में बैठने के फ़ैसले के बाद प्रांतीय सरकार की तरफ़ से कई प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव भी कई गए हैं.

डॉक्टर ज़ुल्फ़िक़ार मिर्ज़ा को वर्क्स सर्विसेज़ और मंज़ूर वसान को गृह मंत्रालय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

स्थानीए मीडिया का दावा है कि पिछले पांच दिनों से जारी हिंसक घटनाओं में एक सौ से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं लेकिन सरकार ने अभी तक 93 लोगों के मारे की पुष्टि की है.

प्रांत के गृह मंत्रालय के अंतर्गत बने निगरानी सेल के प्रमुख शर्फ़ुद्दीन मेमन का कहना है कि शनिवार की सुबह तक हिंसक घटनाओं में कुल 93 लोग मारे गए हैं.

'सुधार'

कराची से बीबीसी संवाददाता रियाज़ सुहैल के मुताबिक़ कई इलाक़ों में फ़ंसे परिवार वालों को पुलिस और रेंजर्स की मदद से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है.

कराची पुलिस के प्रमुख सऊद मिर्ज़ा ने बीबीसी को बताया कि पिछले बारह घंटों में सिर्फ़ तीन मौतें हुई हैं जबकि कई जगहों पर फ़ायरिंग का सिलसिला बंद हो गया है.

पुलिस प्रमुख के अनुसार दो दिनों से बाधित पानी और बिजली सेवा को बहाल करने की कोशिश की जा रही है.

सऊद मिर्ज़ा ने बताया कि पुलिस ने अब तक 209 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस के अनुसार गिरफ़्तार लोगों से दो एक-47 राइफ़ल और 44 पिस्तौल बरामद किए गए हैं.

इससे पहले कराची के हालात ख़राब होने के बाद मुख्य मंत्री सैयद क़ायम अली शाह ने हिंसा करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए थे.

मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सरकार के इस फ़ैसले की निंदा करते हुए कहा कि सुरक्षाकर्मियों को गोली मारने का अधिकार देकर सरकार ने ये स्वीकार कर लिया है कि कराची एक युद्घ क्षेत्र है.

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