कराची हिंसा की जाँच शुरू

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पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने कराची शहर में बढ़ती हत्याओं की घटना की जाँच शुरू कर दी है.

राजनीतिक और जातीय हिंसा में इस साल अब तक कराची में 800 लोगों की जान गई है.

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि ज़्यादातर हिंसा में विभिन्न राजनीतिक और जातीय गुटों से जुड़े हथियारबंद गैंग शामिल हैं.

सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि लाखों पश्तूनों के शहर में आने के बाद तनाव बढ़ा है.

आरोप

देश के उत्तरी भाग में तालिबान के ख़िलाफ़ कार्रवाई से विस्थापित हुए लोग कराची आकर बसने लगे हैं.

एक दिन पहले ही सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के वरिष्ठ नेता ज़ुल्फ़िकार मिर्ज़ा ने एक अन्य राजनीतिक दल मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है.

एमक्यूएम इन आरोपों से इनकार करती है. ज़ुल्फ़िकार मिर्ज़ा का कहना है कि उनके पास इस दावे के सबूत हैं और वे उन्हें अदालत में पेश करेंगे.

पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी इस्लामाबाद से कराची आए हैं ताकि वे कार्यवाही की अध्यक्षता कर सकें.

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