'सिंध में बारिश से 40 लाख बेघर'

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Image caption गिलानी ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि सिंध में बारिश और उसकी वजह से आई भयंकर बाढ़ से 40 लाख लोग बेघर हो गए हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए गुहार लगाई है.

युसुफ़ रज़ा गिलानी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि सैलाब ने 41 लाख एकड़ इलाक़े को अपनी चपेट में ले लिया है और 141 लोगों की जानें जा चुकी हैं.

उन्होंने बताया कि सरकार ने पीड़ितों की सहायता के लिए करीब चार हज़ार शिविर बनाए हैं जिनमें करीब एक लाख प्रभावित रह रहे हैं जबकि 17 लाख एकड़ ज़मीन पर खड़ी फ़सल नष्ट हो गई हैं.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “अतंरराष्ट्रीय समुदाय राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की अपील पर विचार करे और मानवीय आधार पर पीड़ितों की मदद करे.”

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि सिंध में इस साल औसत से 142 प्रतिशत ज़्यादा बारिश हुई है जिससे प्रांत को भारी नुक़सान हुआ है.

उन्होंने बताया कि प्रांत के 23 में से 21 ज़िले बारिश से प्रभावित हुए हैं जिसमें बदीन, टंडो मोहम्मद ख़ान, मीरपुर ख़ास, नवाबशाह, उमर कोट, ख़ैर पुर और थरपारकर ज़िलों को बहुत ज़्यादा नुक़सान पहुँचा है.

'सरकार के लिए बड़ी चुनौती'

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सिंध में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति ओर गंभीर को सकती है. उन्होंने कहा कि ये सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती है.

उन्होंने कहा, “इस स्थिति से निपटने के लिए हमारी सरकार ने राहत कार्य शुरु कर दिया है और सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.”

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को निर्देश दिए कि बारिश से प्रभावित इलाक़ों में लोगों को चिकित्सा की सुविधा प्रदान की जाए ताकि वह बीमारियों से बच सकें.

ग़ौरतलब है कि सिंध में बारिश का सिलसिला पिछले दो हफ़्तों से जारी है जिसकी वजह से प्रांत के दक्षिणी ज़िलों में बाढ़ आ गई है.

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Image caption प्रांत के 21 ज़िले प्रभावित हैं और कई शहरों में पानी घुस गया है.

कुछ दिन पहले राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी ने बारिश से प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया था और संयुक्त राष्ट्र से सहायता की अपील की थी.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार सरफ़राज़ लाशारी ने बताया था कि संयुक्त राष्ट्र सिंध में बारिश से हुई तबाही का आकलन कर रहा है और उसके बाद वो सहायता पर विचार करेगा.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि उसके कर्मचारी बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में मौजूद हैं.

पिछले साल सिंधु नदी में आई भयंकर बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए थे.

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