सिंध में भारी बारिश, 216 की मौत

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Image caption सिंध में भारी वर्षा पिछले दो हफ़्तों से लगातार जारी है और कई ज़िलों में बाढ़ आ गई है.

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 216 हो गई है जबकि पीड़ितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

सिंध सरकार के मुताबिक़ मरने वालों में 55 महिलाएँ और 31 बच्चे भी शामिल हैं जबकि बाढ़ पीड़ितों की संख्या 53 लाख से ज़्यादा हो गई है.

प्रांत के दक्षिणी ज़िलों में अभी भी बारिश जारी है और बदीन, नंदो, खोसकी, शादीकार्ज, खडन और सेरानी ने लोगों को निकाला कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

बदीन के वरिष्ठ ज़िला अधिकारी दादलो ज़ोहरानी ने बीबीसी को बताया कि शुक्रवार से लोगों को बाढ़ के पानी से निकाला जा रहा है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा जा रहा है.

प्रांतीय सरकार की ओर से बनाए गए राहत शिविरों में उस समय करीब तीन लाख बाढ़ पीड़ित मौजूद हैं जबकि लाखों लोग सड़कों के किनारों पर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं.

'पीड़ितों के लिए दिक़्क़तें'

एक ग़ैर सरकारी राहत संस्था के पदाधिकारी अली अकबर ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से सड़कों पर बैठे पीड़ितों को काफ़ी दिक्कतें हो रही हैं और वो बीमार पड़ रहे हैं.

उन्होंने बताया कि सरकारी इमारतों और स्कूलों में हज़ारों पीड़ितों ने शरण ले रखी है.अब उन स्थानों पर अधिक लोगों के रहने की गुंजाइश भी नहीं है क्योंकि कई स्कूल भी बाढ़ के पानी में डूब गए हैं.

एक सामाजिक कार्यकर्ता सत्तार ज़ंगेजो ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले साल के बाढ़ की तुलना में इस समय स्थिति काफ़ी गंभीर है क्योंकि पिछले साल पीड़ितों तक पहुँचने के लिए कोई रास्ता मौजूद था मगर अब सब सड़कें डूब गई हैं और लोगों तक पहुँचने में काफ़ी दिक्कतें आ रही हैं.

'सहायता की अपील'

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए गुहार लगाई थी.

युसुफ़ रज़ा गिलानी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि सैलाब ने 41 लाख एकड़ इलाक़े को अपनी चपेट में ले लिया है और 141 लोगों की जानें जा चुकी हैं.

सिंध में बारिश का सिलसिला पिछले दो हफ़्तों से जारी है जिसकी वजह से प्रांत के दक्षिणी ज़िलों में बाढ़ आ गई है.

कुछ दिन पहले राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी ने बारिश से प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया था और संयुक्त राष्ट्र से सहायता की अपील की थी.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार सरफ़राज़ लाशारी ने बताया था कि संयुक्त राष्ट्र सिंध में बारिश से हुई तबाही का आकलन कर रहा है और उसके बाद वो सहायता पर विचार करेग.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि उसके कर्मचारी बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में मौजूद हैं.

पिछले साल सिंधु नदी में आई भयंकर बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए थे.

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