सिंध में और बारिश से स्थिति गंभीर

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Image caption सिंध के दक्षिणी ज़िले बारिशों के बाद भारी बाढ़ का सामना कर रहे हैं.

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में फिर से बारिश होने की वजह से बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में बाढ़ पीड़ितों को काफ़ी दिक़्क़तें हो रही हैं.

मौसम विभाग का कहना है कि प्रांत में बारिश का सिलसिला अलगे दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है और इस वक़्त सबसे ज़्यादा बारिश मीरपुर ख़ास ज़िले में हुई है.

ज़िला बदनी, ठटा, दादू, टंडो मोहम्मद ख़ान, कराची और हैदाराबाद में कई घंटों से लगातार बारिश हो रही है जिससे कई इलाक़े डूब गए हैं.

ताज़ा बारिश की वजह से पीड़ितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और प्रांतीय सरकार के मुताबिक़ पीड़ितों की संख्या 53 लाख से ज़्यादा हो गई है.

'बाढ़ पीड़ित बेहाल'

मौसम विभाग के एक अधिकारी आरिफ़ महमूद ने बताया कि बारिश से प्रांत की स्थिति गंभीर होती जा रही है और लगातार हो रही बारिश से बाढ़ पीड़ितों को मुश्किलें आ रही हैं.

पाकिस्तानी सरकार ने अतंरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता की अपील की है जिस पर चीन ने बाढ़ पीड़ितों की तुरंत सहायता के लिए 47 लाख डॉलर देने का वादा किया है.

उधर अमरीकी विदेश मंत्रालय के अनुसार अमरीकी सरकार ने तीन लाख 46 हज़ार पीड़ितों को खाद्य सामग्री देना शुरू कर दिया है और पाँच लाख पीड़ितों को चिकित्सा की सुविधाएँ दी जा रही हैं.

प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक़ सिंध के कई इलाक़ों में बारिश के दौरान विभिन्न घटनाओं में मरने वालों की संख्या 226 तक पहुँच गई है जिसमें 59 महिलाएँ और 34 बच्चे शामिल हैं.

सिंध के दक्षिणी ज़िलों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और कई इलाक़ों से संपर्क भी टूट गया है. कराची, मीरपुर ख़ास और कराची से ठटा जाने वाला मुख्य मार्ग भी कई जगहों पर डूब गया है.

'सहायता की अपील'

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए गुहार लगाई थी और उससे पहले राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने सहायता की अपील की थी.

सिंध में बारिश का सिलसिला पिछले दो हफ़्तों से जारी है जिसकी वजह से प्रांत के दक्षिणी ज़िलों में बाढ़ आ गई है.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सलाहकार सरफ़राज़ लाशारी ने बताया था कि संयुक्त राष्ट्र सिंध में बारिश से हुई तबाही का आकलन कर रहा है और उसके बाद वो सहायता पर विचार करेगा.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि उसके कर्मचारी बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में मौजूद हैं.

पिछले साल सिंधु नदी में आई भयंकर बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हुए थे और अब बारिश का प्रकोप झेल रहे हैं.

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