सलमान तासीर के हत्यारे को मौत की सज़ा

मुमताज़ क़ादिरी इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption मुमताज़ क़ादिरी के समर्थन में पाकिस्तान में रैलियां निकलीं और वो कुछ लोगों के हीरो बन गए थे.

पाकिस्तान की एक अदालत ने उदारवादी नेता और पंजाब के पूर्व गवर्नर सलमान तासीर की हत्या के मुक़दमे में उनके बॉडीगार्ड मुमताज़ क़ादरी को दोषी क़रार दिया है और उन्हें मौत की सज़ा सुनाई है.

अदालत ने उन्हें दो लाख रुपये जुर्माना के भगतान का भी आदेश दिया है.

उनके वकील ने इस फ़ैसले को चुनौती देने का फ़ैसला लिया है.

क़बूल जुर्म

रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत ने अपनी फ़ैसले के लिए मुमताज़ क़ादरी के उस बयान को बुनियाद बनाया जिसमें उन्होंने सलमान तासीर की हत्या का ऐतराफ़ किया था और उसे अपना व्यक्तिगत कार्य बताया था.

जज परवेज़ अली शाह ने अपने फ़ैसले में कहा कि किसी व्यक्त को इस बात का अधिकार नहीं दिया जा सकता है कि वो ये फ़ैसला करे कि कौन ईश-निंदा क़ानून का विरोधी है और कौन नहीं.

न्यायधीश का कहना था कि ऐसे फ़ैसले लेना अदालतों का काम है.

अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा कि मुमताज़ कादरी को सात दिनों के भीतर इस फ़ैसले को चुनौती देने का अधिकार है.

मुमताज़ क़ादरी पंजाब पुलिस में नौकरी करते थे और वह गवर्नर सलमान तासीर की सुरक्षा पर तैनात थे.

संशोधन

इसी साल चार जनवरी को उन्होंने इस्लामाबाद की बाज़ार में सलमान तासीर पर सीधी गोलियाँ चलाई थी जिसमें उनकी मौत हो गई थी.

मुक़दमे की सुनवाई के दौरान मुमताज़ क़ादरी अदालत में मौजूद थे और फ़ैसले के तुरंत बाद उन्हें डेथ सेल में ले जाया गया है.

ग़ौरतलब है कि इस मुक़दमे की सुनवाई सुरक्षा कारणों से रावलपिंडी की अड्याला जेल में की गई थी.

सलमान तासीर पाकिस्तान के विवादास्पद ईश-निंदा क़ानून के संशोधन के पक्ष में थे और कहते थे कि ये क़ानून अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल हो रहा है.

विरोध

धार्मिक संगठनों ने सलमान तासीर का विरोध उस समय शुरु किया जब उन्होंने पैग़्मबर मोहम्मद का अपमान करने के आरोप में मौत की सज़ा का सामना कर रही ईसाई महिला आसिया बीबी से जेल में मुलाक़ात की थी.

सलमान तासीर की हत्या के कुछ महीनों बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शहबाज़ भट्टी की इस्लामाबाद में उनके घर के सामने हत्या कर दी गई थी. वे भी ईश-निंदा क़ानून में संशोधन चाहते थे.

संबंधित समाचार