अफ़ग़ानिस्तान के आरोप बेबुनियाद हैं: पाकिस्तान

तहमीना जंजुआ
Image caption पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तहमीना जंजुआ

पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुर्हानुद्दीन रब्बानी की हत्या के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराने के बयान को बिल्कुल बेबुनियाद क़रार दिया है.

अफ़ग़ानिस्तान ने एक बयान जारी कर कहा था कि पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने राष्ट्रपति रब्बानी की हत्या की साज़िश रची थी.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि बुर्हानुद्दीन रब्बानी पाकिस्तान के एक पूराने दोस्त थे और पाकिस्तान में उनकी बहुत इज़्ज़त की जाती थी.

बयान में आगे कहा गया कि रब्बानी पाकिस्तान में एक लंबे अर्से तक रहे थे और पाकिस्तान में उनके बहुत से दोस्त थे.

हत्या के 'सुबूत'

पाकिस्तानी प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि काबुल में पाकिस्तानी दूतावास को इस संबंध में जो दस्तावेज़ दिए गए हैं वे दर असल एक अफ़ग़ान नागरिक हमीदुल्लाह अख़्वंदज़ादा का इक़बालिया बयान है.

हमीदुल्लाह अख़्वंदज़ादा ने ही कथित तौर पर राष्ट्रपति रब्बानी की हत्या की साज़िश रची थी.

पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारी इस संबंध में दिए गए दस्तावेज़ों की जांच पड़ताल कर रहें हैं.

लेकिन प्रवक्ता ने ये ज़रूर कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के गृहमंत्री ने उन तथ्यों को नज़र अंदाज़ किया है कि राष्ट्रपति रब्बानी पर आत्मघाती हमलावर और उनके एक सहयोगी लंबे समय से कंधार और काबुल में घूम रहे थे.

प्रवक्ता ने आगे कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय ने इस बारे में भी कुछ नहीं कहा कि हमलावर चार दिनों तक पीस काउंसिल के गेस्ट हाउस में रह रहे थे और उस गेस्ट हाउस का प्रबंधन राष्ट्रपति रब्बानी के क़रीबी लोगों के हाथों में था.

बयान के मुताबिक़ हमलावर की तलाशी भी नहीं ली गई थी.

पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान गृह मंत्री का बयान इसलिए भी अफ़सोसनाक है क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी पहले ही इस हत्या की जांच में पूरे सहयोग की पेशकश कर चुके हैं.

बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान पर आरोप लगाने के बजाए काबुल में बैठे लोगों को पूरी गंभीरता से इस बात पर ग़ौर करना चाहिए कि शांति की बात करने वाले और पाकिस्तान की तरफ़ झुकाव रखने वाले लोगों को क्यों एक-एक करके क़त्ल किया जा रहा है.

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