अफ़ग़ानिस्तान को पाक की हिदायत

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Image caption हामिद करज़ई को मारने की तीन कोशिशें हो चुकी हैं

पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान से कहा है कि आरोप लगाने से पहले उसे तथ्यों की जाँच कर लेनी चाहिए.

अफ़ग़ानिस्तान ने बुधवार को आरोप लगाया था कि राष्ट्रपति हामिद करज़ई की हत्या करने की साज़िश पाकिस्तान में रची गई थी.

राष्ट्रपति करज़ई की हत्या की साज़िश का पर्दाफ़ाश करते हुए अफ़ग़ान अधिकारियों ने कहा था कि ये साज़िश पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े उत्तरी वज़ीरिस्तान में रची गई थी.

उनका कहना था कि इस इस साज़िश में अल-क़ायदा और हक़्क़ानी नेटवर्क से जुड़े लोग थे और उन्होंने करज़ई के एक सुरक्षा गार्ड को भी अपनी साज़िश में शामिल कर लिया था.

हत्या की इस साज़िश के विवरण अभी आ ही रहे हैं, लेकिन अफ़ग़ान अधिकारियों ने पाकिस्तान पर आरोप लगाने में कोई विलंब नहीं किया.

हिदायत

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि किसी भी स्थान विशेष के किसी व्यक्ति पर ग़ैरज़िम्मेदाराना आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जाँच कर लेनी चाहिए.

अफ़ग़ान ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि इस साज़िश के लिए गिरफ़्तार किए गए सभी छह लोगों को अल-क़ायदा और हक़्क़ानी नेटवर्क के चरमपंथियों ने प्रशिक्षण दिया था.

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Image caption भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच हुए समझौते ने भी पाकिस्तान की चिंता बढ़ाई है

इससे पहले अफ़ग़ान अधिकारी ये आरोप लगा चुके हैं कि पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या के पीछे भी पाकिस्तान का हाथ था.

इस आरोप का पाकिस्तान ने खंडन किया है.

बीबीसी के इस्लामाबाद संवाददाता ओरला गुरियन का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान से लगातार लगाए जा रहे आरोप पाकिस्तान का सिरदर्द बने हुए हैं और इस बीच अफ़ग़ानिस्तान और भारत के बीच हुए सामरिक समझौते ने भी उसकी चिंता बढ़ाई है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह अभी इस समझौते का अध्ययन कर रहा है.

विश्लेषकों का कहना है कि इस समझौते से पाकिस्तान की चिंता इस बात को लेकर बढ़ेगी कि अफ़ग़ानिस्तान में उसके एक प्रतिद्वंद्वी का प्रभाव बढ़ रहा है.

विश्लेषक मानते हैं कि इस समझौते से अंचल में क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा न कि कम होगा.

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