'पाकिस्तानी जेल व्यवस्था चरमपंथ का केंद्र'

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Image caption आईसीजी का कहना है कि पाकिस्तानी जेल व्यवस्था भ्रष्ट और बिगड़ी हुई है.

अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप ने कहा है कि पाकिस्तान की जेल व्यवस्था चरमपंथ और अपराध का केंद्र बन चुकी है, जिसकी वजह से चरमपंथ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

पाकिस्तान की जेल व्यवस्था के बारे में जारी की गई ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में जेलों का तंत्र काफ़ी भ्रष्ट और बिगड़ा हुआ है और इसकी वजह से ही देश राजनीतिक और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है.

इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के मुताबिक़ जेलों में क़ैदियों की बढ़ती संख्या, कर्मचारियों का आभाव और व्यवस्था न होने की वजह से जेलों में चरमपंथ और अपराध बढ़ रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जेलों में क़ैदियों का सुधार न होने की वजह से जब वे बरी होते हैं तो वह फिर से अपराधी और चमरपंथी बन जाते हैं.

'सुधार की ज़रुरत'

रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तानी सरकार पुलिस के विभाग में सुधार लाने के लिए ज़्यादा संसाधन भी ख़र्च कर रही है, लेकिन जेलों के भीतर इसका लाभ नहीं हो रहा है.

संस्था के अनुसार पाकिस्तानी की जेलों में इस समय 78 हज़ार क़ैदी हैं और उनमें से 50 हज़ार ऐसे हैं, जिनके मुक़दमों की सुनवाई या तो शुरू नहीं हुई या अदालतों में लंबित हैं.

इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तानी सेना की भूमिका का भी ज़िक्र किया है और कहा है कि ताज़ा वर्षों में सेना ने हज़ारों को आतंकवाद के संदेह में गिरफ़्तार किया है जिसमें कई ऐसे हैं जो केवल सेना का विरोध करते हैं.

आईसीजी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय ख़ासतौर पर अमरीका से कहा है कि वह पाकिस्तान में जेलों के सुधार के लिए उसकी मदद करे और पाकिस्तानी सेना पर दबाव डाले कि वह बलूचिस्तान, ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह और क़बायली इलाक़ों के लोगों तक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को पहुँचने दे.

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