सुरक्षा परिषद में पहुँचने में भारत ने मदद की: पाक

अब्दुल्ला हुसैन इमेज कॉपीरइट AP
Image caption दो साल के कार्यकाल के लिए चुना गया पाक लेबनान की जगह लेगा.

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल्ला हुसैन हारून ने कहा है कि पाकिस्तान के सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य बनने में भारत ने उसकी मदद की थी.

कराची हवाई अड्डे पर उन्होंने संवाददाताओं को बताया, "बहुत सारे देश जिन्हें पाकिस्तान दोस्त समझता था अब उसके दोस्त नहीं रहे. लेकिन 15 सदस्यों वाली सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य बनने में भारत ने हमारा समर्थन किया."

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को 193 सदस्यों में से 129 राज्यों ने समर्थन दिया. पाकिस्तान को चुनौती देने वाले किर्गिस्तान को 55 वोट मिले थे.

दो साल के कार्यकाल के लिए चुना गया पाकिस्तान एक जनवरी 2012 से लेबनान की जगह लेगा.

भारत के साथ

हारून ने कहा कि प्रतिष्ठित सीट के लिए वोट जुटाने के लिए पाकिस्तान ने पिछले छह महीनों में बहुत काम किया.

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि संयुक्त राष्ट्र में कुछ देशों की प्रतिक्रिया से हमें हतोत्साहित नहीं होना चाहिए क्योंकि मैं कह सकता हूँ कि दुनिया पाकिस्तान को सकारात्मक भूमिका निभाते हुए देखना चाहती है."

पाकिस्तान छह बार सुरक्षा परिषद में रह चुका है. वह 1952-53, 1968-69, 1976-77, 1983-84, 1993-94 and 2003-04 में सुरक्षा परिषद का सदस्य था.

ऐसा चौथी बार होगा कि एक जनवरी से दो साल का अपना कार्यकाल शुरु करने वाले भारत के साथ पाकिस्तान का भी सुरक्षा परिषद का सदस्य होगा.

इससे पहले वर्ष 1968, 1977 and 1984 में दोनों देश एक साथ परिषद में रह चुके हैं.

संबंधित समाचार