पाकिस्तान के राजदूत का इस्तीफ़ा

हुसैन हक़्क़ानी

अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक़्क़ानी ने कथित ज्ञापन विवाद के बाद पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने हुसैन हक़्क़ानी से इस्तीफ़ा तलब किया जिससे कथित ज्ञापन की निष्पक्ष जाँच की जाए सके.

बयान के मुताबिक़ जाँच में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का मौक़ा दिया जाएगा और इस में निष्पक्षता को ध्यान में रखा जाएगा.

पिछले दिनों हक़्क़ानी पर आरोप लगे थे कि उन्होंने वरिष्ठ अमरीकी सैनिक अधिकारी एडमिरल माइक मलेन को एक गुप्त संदेश लिखकर पाकिस्तान में सेना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अमरीका से 'मदद की गुहार' लगाई थी.

कथित ज्ञापन विवाद के बाद प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने स्पष्टीकरण के लिए हुसैन हक़्क़ानी को इस्लामाबाद तलब किया था और वे रविवार को पहुँचे थे.

हुसैन हक़्क़ानी ने सोमवार को राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात की जिसमें प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

हुसैन हक़्क़ानी ने कथित ज्ञापन विवाद पर पाकिस्तानी नेतृत्व को जानकारी दी और उसके बाद उन्होंने पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

हक़्क़ानी ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर पर इस बारे में लिखा, "मैंने प्रधानमंत्री गिलानी से अनुरोध किया है कि अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत के पद से मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया जाए."

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