पाकिस्तान की एकता, आज़ादी पर हमला: गिलानी

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Image caption क़बायली इलाक़े मोहमंद में हमले के बाद पाकिस्तान से अफ़ग़ानिस्तान के जाने वाले रास्ते बंद कर दिए गए

पाकिस्तान ने कहा है कि पाक-अफ़ग़ान सीमा पर नैटो के हमले में दो अफ़सरों समेत 25 पाकिस्तानी सैनिकों का मारा जाना उसकी एकता और आज़ादी पर हमला है.

ये हमला पाकिस्तान के मोहमंद क़ाबायली इलाक़े में हुआ. शुक्रवार की रात को पाकिस्तानी सेना के अनुसार नैटो के हेलिकॉप्टरों ने एक सैन्य चौकी पर हमला किया जिसमें कम से कम 25 सैनिकों की मौत हो गई.

इस घटना के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान ने नैटो सेनाओं के लिए पाकिस्तान से अफ़ग़ानिस्तान से सैन्य और खाद्य सामग्री ले जाने रास्तों को बंद कर दिया और अनेक टैंकर ख़ैबर इलाक़े के जमरूद नगर में रोक दिए गए हैं. इससे पहले भी पाकिस्तानी सेना विरोध जताने के लिए ऐसी कार्रवाई कर चुकी है.

मंत्रिमंडल की आपात बैठक

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी, सेनाध्यक्ष परवेज़ कयानी और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में इस घटना पर आपत्ति जताई है.

इस घटना के बाद मंत्रिमंडल की रक्षा समिति की आपात बैठक बुलाई गई.

बैठक के बाद पाकिस्तान सरकार ने कहा कि वो अमरीका और नैटो के साथ राजनीतिक, सैन्य और ख़ुफ़िया सहयोग की समीक्षा करेगा.

आपात बैठक में ये भी फ़ैसला हुआ कि पाकिस्तान नैटो के काफिलों के लिए अफ़गानिस्तान सीमा को बंद कर दे. साथ ही अमरीका से बलूचिस्तान प्रांत में स्थित शम्सी एअर बेस को 15 दिन के भीतर खाली करने के लिए कहा जाएगा.

शम्सी एअर बेस का इस्तेमाल अमरीका द्रोन हमले के लिए करता आ रहा है.

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इस मामले पर नैटो और अमरीका से सख़्त शब्दों में एतराज़ जता रहा है.

उधर नैटो के वरिष्ठ कमांडर जनरल जॉन एलेन ने इस घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है और कहा है कि नैटो इस घटना की जांच कर रहा है.

नैटो के प्रवक्ता ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा है कि इसकी 'काफ़ी हद तक संभावना है' कि इस हमले को नैटो के लड़ाकू विमानों ने अंजाम दिया.

पर्यवेक्षकों का मानना है कि पाकिस्तान में कुछ महीने पहले अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के अमरीकी अभियान में मारे जाने के बाद से नाज़ुक दौर से गुज़र रहे अमरीका-पाकिस्तान रिश्तों के लिए ये गंभीर धक्का है.

कारगर जवाब देंगे: कयानी

प्रधानमत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा, "ये पाकिस्तान की एकता और आज़ादी पर हमला है. पाकिस्तान किसी को उस पर हमला नहीं करने देगा."

उधर पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष परवेज़ कयानी ने एक बयान में कहा है, "इस ग़ैर-ज़िम्मेदार कार्रवाई का कारगर जवाब देने के लिए सभी ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं."

उधर नैटो के वरिष्ठ कमांडर जनरल जॉन एलेन ने कहा, "मैं इस घटना पर मारे गए और घायल हुए पाकिस्तानी सैनिकों के परिवारों के प्रति व्यक्तिगत और दिली हमदर्दी व्यक्त करता हूँ."

पाकिस्तान-अमरीका मामलों के जानकार प्रोफ़ेसर हसन असकरी रिज़वी ने बीबीसी को बताया, "मेरा ख़्याल है कि तनाव पैदा हो गया है. इस पर प्रतिक्रिया तो होगी लेकिन कोई सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से नहीं होगी. सेना ख़ामोश नहीं है और उसके कहने पर ही अफ़ग़ानिस्तान को जाने वाले रास्ते बंद किए गए हैं."

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान चाहेगा की अमरीका माफ़ी मांगे और इस इलाक़े में अपनी सैन्य कार्रवाई को सीमित करे. इस प्रक्रिया में तीन-चार हफ़्ते लगेंगे और अमरीका तनाव को कम करेगा क्योंकि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान में सामान की आपूर्ति के लिए पाकिस्तान पर काफ़ी निर्भर है."

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