न सम्मेलन, न नेटो को सामान: पाकिस्तान

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Image caption नेटो हमले के बाद पाकिस्तान में भारी आक्रोश है

पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य को लेकर जर्मनी में हो रहे सम्मेलन में भाग न लेने और अगले आदेश तक नेटो सेना के लिए सामान की आपूर्ति पर रोक लगाने का अंतिम फ़ैसला लिया है.

सुरक्षा मामलों के लेकर संसद की स्थायी समिति की शुक्रवार को अहम बैठक हुई जिसमें प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने विशेष तौर पर भाग लिया.

यह बैठक 26 नवंबर को पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर हुए नेटो सेना के हमले के बाद बिगड़ी हुई स्थिति और पाक-अमरीका संबंधों में तनाव पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने समिति को बताया कि नेटो सेना ने 26 नवंबर की रात को हमला कर पाकिस्तानी सीमा का उल्लंघन किया और पाकिस्तान को निश्चित रुप से राष्ट्रीय सुरक्षा की नीति पर पुनर्विचार करने पर मजबूर किया.

उन्होंने बताया कि नेटो हमले के बाद मंत्रिमंडल की विशेष बैठक में जो भी फ़ैसला लिए गए वह राष्ट्रीय हित में हैं.

'नेटो आपूर्ति पर रोक'

प्रधानमंत्री के मुताबिक़ हमले के तुरंत बाद रक्षा मामलों की समिति ने एक अहम बैठक में अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद नेटो सेना को खाद्य और अन्य सामग्री पर रोक लगाने के जो फ़ैसला लिया था, वह अब भी बरक़रार है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना को निर्देश दिए गए हैं कि पाकिस्तानी सीमाओं का उल्लंघन और आक्रमण का भरपूर जवाब दिया जाए.

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री फ़िरदौस आशिफ़ आवाण ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य को लेकर बॉन में हो रहे सम्मेलन में भाग न लेने का अंतिम फ़ैसला हुआ है.

''उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूँ कि मंत्रिमंडल ने नेटो हमले के बाद बॉन सम्मेलन में भाग न लेने का फ़ैसला लिया था और सुरक्षा समिति ने भी उसका समर्थन किया है, इसलिए पाकिस्तानी किसी भी स्तर पर उस सम्मेलन में भाग नहीं लेगा.”

उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सरकार अफ़ग़ानिस्तान की स्थिरता और शांति का समर्थन करती है और उसकी शांति के लिए अहम भूमिका अदा करती रहेगी.

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक़ 12 दिसंबर को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी नेटो सेना के हमले पर पूरी जानकारी देंगे.

ग़ौरतलब है कि इससे पहले सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ परवेज़ कियानी ने अपने सैनिकों से कहा था कि अगर उन पर कोई हमला होता है तो वह उसका भरपूर जवाब दें और किसी आदेश का इंतज़ार ना करें.

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