'पाकिस्तान-अमरीका को एक दूसरे पर भरोसा नहीं'

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Image caption गिलानी ने अमरीका के प्रति पाकिस्तान का कड़ा रवैय्या बरकरार रखा है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि उनका देश अमरीका पर विश्वास नहीं करता और न ही अमरीका को पाकिस्तान पर भरोसा है.

उनका कहना था, ‘‘ दोनों पक्षों में आपसी विश्वास की कमी है. हम एक साथ काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी एक दूसरे पर यकीन नहीं करते हैं. मैं समझता हूं कि हमें संबंधों को सुधारने की ज़रुरत है ताकि हम एक दूसरे पर और अधिक भरोसा कर सकें.’’

यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने ये भी कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के लिए सप्लाई ले जाने वाले नेटो ट्रकों पर रोक हटाने में पाकिस्तान को कई हफ़्ते लग सकते हैं.

पिछले महीने पाक-अफ़ग़ान सीमा चौकी पर नेटो के हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. इसके बाद से अमरीका और पाकिस्तान के रिश्ते काफ़ी बिगड़ गए हैं और पाकिस्तान ने नेटो सैनिकों के अफ़गानिस्तान जाने के रास्ते पर रोक लगा दी है.

हालांकि गिलानी ने इस संभावना से इंकार किया कि वो अमरीका के लिए पाकिस्तान की वायुसीमा बंद कर सकते हैं.

बीबीसी के साथ ख़ास बातचीत में उन्होंने इन ख़बरों का खंडन किया कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को दिल का दौरा पड़ा है और सेना उनका तख़्तापलट करने में लगी है.

उनका कहना था कि ज़रदारी दुबई में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं लेकिन उन्हें वापस पाकिस्तान आने से पहले दो हफ़्ते के आराम की ज़रुरत है.

बिगड़ते रिश्ते

नेटो सैनिकों को अफ़गानिस्तान में अपने अभियान के लिए पाकिस्तान पर निर्भर रहना पड़ता है क्योंकि अफ़गानिस्तान का रास्ता पाकिस्तान के खैबर दर्रे से होकर ही जाता है.

पिछले कुछ दिनों से खैबर दर्रे के पास सैकड़ों ट्रकें खड़े हैं जो दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने और रास्ते के खुलने का इंतज़ार कर रहे हैं.

नेटो ने हमलों के लिए माफ़ी मांगी है लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान ने नेटो ट्रकों के लिए रास्ता नहीं खोला है.

इतना ही नहीं पाकिस्तान ने अमरीकी सेना को शम्सी एयरबेस खाली करने की हिदायत दी थी. बलूचिस्तान में स्थित अब अमरीका ने यह एयरबेस खाली भी कर दिया है.

ज़रदारी कास्वास्थ्य

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के स्वास्थ्य के बारे में पूछे जाने पर गिलानी ने साफ़ किया कि ज़रदारी ने इस्तीफ़े का कोई पत्र नहीं लिखा है जैसा कि दुबई में एक सूत्र का दावा है.

उन्होंने कहा, ‘‘ वो क्यों ऐसा लिखेंगे. उन्हें पूरी संसद का समर्थन हासिल है.’’

गिलानी ने पाकिस्तान में तख्तापलट की अफ़वाहों को ख़ारिज़ करते हुए कहा, ‘‘ ये सब अफ़वाह हैं और अफ़वाह ही रहेंगे.’’

उन्होंने इन ख़बरों का भी खंडन किया कि पाकिस्तान सरकार पाकिस्तानी तालेबान के साथ बातचीत कर रही है लेकिन ये ज़रूर कहा कि जो कोई भी समर्पण करता है और हिंसा छोड़ता है वो स्वीकार होगा.

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