फ़ौज सत्ता नहीं हड़पना चाहती: कियानी

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पाकिस्तान सरकार और सेना में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ कियानी ने एक बयान के ज़रिए कहा है कि तख़्तापलट की ख़बरें गुमराह करने वाली है.

सेना वेबासाइट पर जारी बयान के मुताबिक, "सेना को अपनी संवैधानिक दायित्वों को पूरा बोध है. तख़्तापलट की बातें केवल अफ़वाहें हैं ताकि असल मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके.सेना सत्ता नहीं हड़पना चाहती."

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी ने तख़्तापलट की किसी आशंका से इनकार किया था.

मेमोगेट प्रकरण पर याचिका की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा, “लोग निश्चिंत रहें. सेना के सत्ता पर काबिज़ होने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि अब लोगों को कोर्ट पर भरोसा है.”

एक दिन पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने संसद में आरोप लगाया था कि ‘कुछ लोग’ सरकार को अस्थिर करने का षड्यंत्र कर रहे हैं.

उन्होंने किसी भी संस्था का नाम नहीं लिया था लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा सेना और आईएसआई की तरफ़ था.सुप्रीम कोर्ट में नौ जजों का पैनल इस याचिका पर विचार कर रहा है कि क्या मेमोगेट प्रकरण की जांच होनी चाहिए.पाकिस्तान में चार बार सेना का शासन रह चुका है.

चीनी कूटनयिक पाकिस्तान में

इस बीच चीन के वरिष्ठ कूटनयिक डाई बिंगो पाकिस्तान में है. ये दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान के अमरीका के साथ रिश्ते काफ़ी खराब चल रहे हैं.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि डाई बिंगो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलेंगे. डाई बिंगो चीनी विदेश नीति बनाने में अहम भूमिका निभाते आए हैं. प्रवक्ता के मुताबिक इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय मु्द्दों पर आपसी विचार विमर्श होगा.

पाकिस्तान से बिगड़ते रिश्तों के बीच चीन पाकिस्तान के प्रति अपना समर्थन जताता रहा है.

मेमोगेट प्रकरण

मेमोगेट विवाद उस 'मेमो' या चिट्ठी से शुरु हुआ था जिसमें पूर्व अमरीकी राजदूत हुसैन हक़्क़ानी ने अमरीकी सैन्य अधिकारियों को कथित रूप से गुप्त ज्ञापन भेजा था. इइसमें अमरीका से पाकिस्तानी सेना की ताक़त को कम करने के लिए कहा गया था.

पाकिस्तान के नेता कथित तौर पर इस बात से चिंतित थे कि ऐबटाबाद में अमरीकी सुरक्षा बलों के ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद सेना तख़्तापलट करने वाली है.

मेमोगेट के बाद से ही सेना और सरकार के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. हाल में ही राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के अचानक दुबई जाने से अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे.

सुप्रीम कोर्ट अब मेमोगेट मामले की सुनवाई कर रहा है और उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सेनाध्यक्ष और आईएसआई के प्रमुख अहमद शुजा पाशा से जवाब मांगा है.

ये याचिका विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने दायर की थी.

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