तख़्तापलट की आशंका पर सफ़ाई नहीं माँगी: अमरीका

अमरीका
Image caption अमरीका ने पाकिस्तानी की मौजूदा स्थिति में दखल की संभावना से इनकार किया है

अमरीका का कहना है कि पाकिस्तान में सेना तख़्तापलट करेगी या नहीं इस बारे में न तो उन्होंने कोई स्पष्टीकरण माँगा है और न ही उन्हें स्पष्टीकरण दिया गया है.

पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच गहराते विवाद से जुड़े सवाल पर अमरीकी रक्षा विभाग पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, “ये पाकिस्तानी अधिकारियों और सरकार के बीच का मामला है और उन्हें ही इसका समाधान निकालना है.”

अमरीका ने कहा है कि वो पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और चाहता है कि वहाँ लोकतांत्रिक सरकार बनी रहे.

अमरीका के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया न्यूलैंड ने कहा कि अमरीका पाकिस्तान की लोकतांत्रिक सरकार का समर्थन करता है और सेना से भी उसके अच्छे संबंध है. न्यूलैंड के अनुसार अमरीका चाहता है कि पाकिस्तान में सेना और सरकार साथ मिलकर काम करें.

हालांकि प्रवक्ता विक्टोरिया न्यूलैंड ने इस मामले में अमरीका की ओर से किसी तरह के हस्तक्षेप से इनकार किया है. विक्टोरिया न्यूलैंड ने पत्रकारों से कहा, “पाकिस्तान के आंतरिक मामले में अमरीका का हस्तक्षेप करना ठीक नहीं होगा.”

संबंध ख़राब

पाकिस्तान की सेना और सरकार के बीच संबंध पिछले कुछ महीनों में पहले से ज़्यादा ख़राब हुए हैं.

एक टीवी साक्षात्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने सैन्य अधिकारियों की आलोचना की थी जिससे सेना नाराज़ है.

इसी के बाद सेना ने भी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी शुरू कर दी. सेना ने गंभीर परिणाम की चेतावनी भी दी है.

इसी बीच प्रधानमंत्री गिलानी ने केंद्रीय रक्षा सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) नईम ख़ालिद लोधी को बर्ख़ास्त कर दिया. लोधी सेना के काफ़ी क़रीबी माने जाते हैं.

उधर विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज़ के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ ने सेना और सरकार के बीच टकराव की स्थिति से बचने के लिए तुरंत आम चुनाव कराने की माँग की है.

उन्होंने बुधवार को लाहौर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार और दूसरे संस्थानों के बीच टकराव की स्थिति शुरू हो चुकी है और वर्तमान सरकार ने पाकिस्तान का तमाशा बना दिया है.

उन्होंने बताया कि सरकार अदालत के फ़ैसलों की लगातार अवहेलना कर रही है और उन फ़ैसलों को पाँव तले रौंदा जा रहा है.

'शपथ का उल्लंघन'

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ईमानदार व्यक्ति नहीं हैं और उन्होंने अपनी शपथ का उल्लंघन किया है.

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक पीठ ने प्रधानमंत्री को चेतावनी दी है कि यदि वे शीर्ष राजनीतिज्ञों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच फिर से शुरु नहीं करते हैं तो वे उन्हें पद से बर्ख़ास्त कर देंगे.

पाकिस्तान में सबसे शक्तिशाली मानी जाने वाली संस्था सेना और सरकार के बीच मतभेद उस समय और गहरा गए जब एक कथित सरकारी मेमो के बारे में पता चला जिसमें पाकिस्तानी सेना के प्रभाव को कम करने के लिए अमरीका से मदद माँगी गई थी.

इस मामले पर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट जाँच कर रही है.

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