नेटो की रिपोर्ट पर पाकिस्तान गुस्साया

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Image caption नेटो की ये रिपोर्ट तालिबानी लड़ाकों समेत 27,000 लोगों से पूछताछ के बाद बनाई गई है

पाकिस्तान ने बुधवार को नेटो के उस खुफ़िया रिपोर्ट पर नाराज़गी जाहिर की है जिसमे कहा गया था कि पाकिस्तान तालिबान की मदद कर रहा है. बीबीसी को नेटो की ये गोपनीय रिपोर्ट मिली थी.

अफ़गानिस्तान के दौरे पर गईं पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने काबुल में पत्रकारों को बताया कि ये आरोप ' बहुत पुरानी बोतल में और भी पुरानी शराब' जैसे हैं.

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान बड़े तालिबानी नेताओं के ठिकाने जानता है.

हालांकि पाकिस्तान पहले भी बताता रहा है कि उसके तालिबान से कोई संबंध नही है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्री के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा, ''सम्मान के दायरे में रहकर कहे तो ये काफ़ी तुच्छ है. हम अफ़ग़ानिस्तान के मामलों में दखलअंदाज़ी नहीं करने के रास्ते पर चल रहे है और चाहते है कि सभी देश इन आदर्शों पर चले.''

अब्दुल बासित ने आगे कहा, ''हम चाहते है कि शांति स्थापना और पुनरनिर्माण की प्रक्रिया पर अफ़ग़ानिस्तान का अधिकार हो. अफ़ग़ानिस्तान में लंबे समय से हो रहे संघर्ष में पाकिस्तान का काफ़ी नुकसान हुआ है. स्थिर और शांतिपूर्ण अफ़ग़ानिस्तान में ही हमारा फ़ायदा है और हमें इसका इल्म है.''

रिपोर्ट

नेटो की ये रिपोर्ट 27,000 लोगों से पूछताछ के बाद बनाई गई है जिसमे चार हज़ार से ज़्यादा तालिबानी, अल क़ायदा और अन्य चरमपंथी गुटों के लड़ाकों समेत नागरिक भी शामिल है.

रिपोर्ट में कहा गया, ''पाकिस्तान और तालिबान के शीर्ष नेताओं के बीच संबंध बरक़रार है.'' रिपोर्ट के मुताबिक़ पाकिस्तान को तालिबानी नेताओं के ठिकानों के बारे में पता है.

आगे कहा गया, ''चूंकि ये रिपोर्ट विद्रोहियों पर आधारित है इसलिए इसे जानकारी के रूप में देखा जाना चाहिए ना कि सीधे विश्लेषण के तौर पर.''

पाकिस्तान के संबंध अमरीका और नेटो के बीच उस समय और खराब हो गए जब अमरीकी हवाई हमलों में पिछले साल नवंबर में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. इसी के बाद से पाकिस्तान ने नेटो टैंकरों के लिए अपनी सीमाएं बंद कर ली थी. अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नेटो सुरक्षाबलों के लिए ज़रूरी सामाग्रियों की आपूर्ती पाकिस्तान के ही रास्ते की जाती थी.

अफ़ग़ानिस्तान के साथ भी पाकिस्तान के रिश्तें कुछ खास अच्छे नही है. दोनों देश एक दूसरे पर घुसपैठ की कोशिशों का आरोप लगाते आए है. दोनो देशों के बीच फ़ासले कम करने के उद्देश्य से अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के नेता बुधवार को काबुल में मिलेंगे.

माना जा रहा है कि अफ़ग़ानिस्तानी राष्ट्रपति हामिद करज़ई और पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के बीच होने वाली बैठक में भी नेटो रिपोर्ट का मुद्दा छाया रहेगा.

खबरें ये भी है कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान सउदी अरब में तालिबान के साथ शांति वार्ता के पक्ष में है.

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