पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी पर आरोप तय

गिलानी इमेज कॉपीरइट a
Image caption गिलानी को अगली सुनवाई के दौरान हाजिर होने से छूट दी गई है.

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना के मामले में प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी पर अभियोग लागू कर दिया है.

उन पर आरोप थे कि उन्होंने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए स्विस अधिकारियों से आग्रह न करके अदालत की अवमानना की है.

जस्टिस नासिरुल मुल्क की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय खंडपीठ ने सोमवार को प्रधानमंत्री पर अभियोग लागू करने का फैसला सुनाया.

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी ने जान बूझ पर भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत के फैसलों पर अमल नहीं किया.

अदालत का कहना था कि संविधानिक तौर पर प्रधानमंत्री अदालत के आदेशों को मानने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

सोमवार को प्रधानमंत्री गिलानी अदालत में पेश हुए और उन्होंने आरोपों से इंकार करते हुए अदालत के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है.

अदालत ने अटर्नी जनरल मौलवी अनवरुल हक को आदेश दिया कि वह इस मुकदमे में 16 फरवरी तक दस्तावेज अदालत में पेश करें लेकिन प्रधानमंत्री के वकील ने जवाब दाखिल करवाने के लिए 24 फरवरी तक का समय माँगा.

अदालत ने मुकदमे की सुनवाई 22 फरवरी तक स्थगित कर दी है और प्रधानमंत्री गिलानी से कहा है कि उन्हें अगली सुनवाई में आने की कोई ज़रुरत नहीं हैं.

गिलानी पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन पर अदालत की अवमानना के मुक़दमे में अभियोग लागू किया गया है. इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री ज़ुल्फिकार अली भुट्टो और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अदालत की अवमानना करने का नोटिस जारी किया गया था.

प्रधानमंत्री पद

प्रधानमंत्री गिलानी ने रविवार को अरबी टीवी चैनल अल-जजीरा को दिए गए इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि अदालत की अवमानना के मामले में उन्हें सजा होगी और अगर ऐसा हुआ तो वह प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे.

गिलानी 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे और अदालत को बताया था कि पाकिस्तान के संविधान के तहत राष्ट्रपति जरदारी पर कोई मामला नहीं चलाया जा सकता.

बाद में सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय खंडपीठ ने दो फरवरी को अदालत की अवमानना करने के आरोप में गिलानी पर अभियोग शुरू करने का फैसला किया था.

प्रधानमंत्री गिलानी ने स्विट्जरलैंड से राष्ट्रपति ज़रदारी के ख़िलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले की दोबारा जांच शुरू करने का आवेदन नहीं किया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने गिलानी के विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी.

संबंधित समाचार