गिलानी: अफगान तालिबान शांति वार्ता में भाग लें

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Image caption कुछ दिन पहले राष्ट्रपति करज़ई ने प्रधानमंत्री से अपील की थी कि पाकिस्तान शांति वार्ता में सहयोग करे.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने अफगानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के खिलाफ लड़ रहे तालिबान और अन्य चरमपंथियों से अपील है कि वह अफगान सरकार की शांति प्रक्रिया में भाग लें.

पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से अफगानिस्तान में लड़े रहे चरमपंथियों को इस तरह की अपील जारी की गई है.

उन्होंने ये अपील अफगान राष्ट्रपति हामिद करज़ई के उस बयान के बाद जारी की है, जिसमें राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने तालिबान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान का सहयोग अहम है और पाकिस्तान से अपील की थी कि वह इस संबंध में सुविधा दे.

प्रधानमंत्री गिलानी ने अपने बयान में कहा, “अफगानिस्तान के इतिहास में नए अध्याय शुरु करने का समय आ गया है और अफ़ग़ानिस्तान की शांति के लिए हमारे महान धर्म के सिद्धांतों और अफगानियों की शानदार परंपराओं के मुताबिक अफग़ान जनता की ऊर्जा को एकजुट किया जाए.”

'मज़बूत रिश्ते ज़रुरी'

उन्होंने बताया कि अफगानिस्तान पाकिस्तान अहम पड़ोसी देश है और उसके साथ कई रिश्ते जुड़े हुए हैं और अफग़ानिस्तान के साथ रिश्ते बेहतर करना पाकिस्तान का कर्तव्य है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा से अफगानिस्तान के साथ बहतर संबंध चाहता है और अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता इस क्षेत्र के हित में है.

ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कतर का दौरा किया था जहाँ अमरीका और तालिबान के बीच शांति वार्ता हो रही थी.

उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान क़तर के नेताओं से इस शांति वार्ता पर बातचीत की थी और उस बातचीत का समर्थन किया था.

उसके अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने पाकिस्तानी सरकार से अपील की थी कि अफग़ानिस्तान की ओर से तालिबान के शुरु हो रही बातचीत में पाकिस्तान सहयोग करे.

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