पाक:गिलानी ने अदालत को फिर दिया जवाब

यूसुफ रज़ा गिलानी इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption सुप्रीम कोर्ट में गिलानी के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला चल रहा है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी ने अदालत को बताया है कि वह राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी के खिलाफ स्विस अधिकारियों को पत्र नहीं लिखेंगे.

अदालत के अवमानना के मामले में प्रधानमंत्री की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में लिखित बयान पेश किया गया.

24 पन्नों पर आधारित बयान में उन्होंने कहा है कि विदेशी न्यायधीश के सामने पाकिस्तान के राष्ट्रपति को पेश नहीं होना चाहिए.

उन्होंने अपने बयान में लिखा है कि ‘पाकिस्तान के राष्ट्रपति और सेना के सुप्रीम कमांडर को विदेशी जजों के सामने नहीं फेंका जा सकता.’

इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददता जुल्फिकार अली के मुताबिक यह बयान प्रधानमंत्री के वकील ऐतिजाज एहसन ने सुप्रीम कोर्ट के सात सदस्यीय खंडपीठ के सामने पेश किया और अदालत ने सुनवाई 21 मार्च तक स्थागित कर दी.

'कड़ा संदेश'

गौतलब है कि प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी ने कुछ दिन पहले राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बचाव करते हुए न्यायपालिका को कड़ा संदेश दिया था.

उन्होंने दक्षिणी पंजाब के ज़िले बहावलपुर के एक विश्वविद्यालय में भाषण देते हुए कहा था कि अदालत की अवमानना कर जेल में छह महीने की कैद काट लेंगे लेकिन राष्ट्रपति के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुकदमे खुलवाने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र नहीं लिखेंगे.

ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को अदालत की अवमानना के मामले में प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी पर अभियोग लागू कर दिया था.

उन पर आरोप थे कि उन्होंने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए स्विस अधिकारियों से आग्रह न करके अदालत की अवमानना की है.

गिलानी पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन पर अदालत की अवमानना के मुक़दमे में अभियोग लागू किया गया है. इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री ज़ुल्फिकार अली भुट्टो और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अदालत की अवमानना करने का नोटिस जारी किया गया था.

संबंधित समाचार