हाफिज पर 'इनाम' पर अदालत ने सरकार से जवाब मांगा

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Image caption हाफिज सईद ने अदालत से कहा है कि वो पाकिस्तान से सरकार से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहे.

पाकिस्तान में लाहौर हाई कोर्ट ने अमरीका की तरफ़ से प्रतिबंधित संस्था लश्करे तैयबा के संस्थापक और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को पकड़ने के लिए रखी गई पचास करोड़ रुपए की कीमत के खिलाफ अर्जी पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है.

लाहौर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शेख़ अज़मत सईद ने ये आदेश हाफ़िज़ सईद की अर्जी पर सुनवाई के बाद दिया.

हाफ़िज़ सईद ने अपनी अर्जी में अमरीका की तरफ से कीमत तय करने के ऐलान को चुनौती देते हुए अदालत से आग्रह किया था कि उन्हें सरकार सुरक्षा मुहैया करे.

सईद के वकील एके डोगर ने अदालत को बताया कि भारत के उकसाने पर अमरीका ने उनके मुवक्किल हाफ़िज़ सईद और उनके करीबी साथियों के लिए इनाम की घोषणा की जो उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है.

'आरोप बेबुनियाद'

हाफ़िज़ सईद ने ये याचिका अपने रिश्तेदार हाफिज अब्दुर्रहमान मक्की के साथ दायर की है. मक्की पर भी अमरीका ने एक करोड़ रुपए के ईनाम की घोषणा की हुई है.

एके डोगर ने अदालत को बताया कि हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक हाफिज सईद के खिलाफ लगाए गए अभियोग साबित नहीं हुए हैं.

हाफ़िज़ सईद के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए एके डोगर ने कहा कि उनकी संस्था सामाजिक कार्यों में लगी हुई है और उनका मुंबई पर हुए हमलों से कोई संबंध नहीं है.

वकील ने ये भी कहा कि अमरीकी कदम पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है. एके डोगर ने अदालत से कहा कि पाकिस्तान की सरकार को कहा जाए कि हाफ़िज़ सईद को सुरक्षा मुहैया करवाए. इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी.

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