....बर्बादी और तबाही का वो खौफनाक मंजर

विमान हादसा इमेज कॉपीरइट AP

शाम के करीब सात बजे थे. मैं दफ्तर से घर जाने की तैयारी कर रहा था कि अचानक टीवी चैनल्स पर ख़बर आने लगी कि इस्लामाबाद में एक यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है.

बीबीसी फारसी के सहयोगी मुदस्सर के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुँचने के लिए दफ्तर से निकला.

पता चला कि विमान इस्लामाबाद हवाई अड्डे से थोड़ा पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया और हवाई अड्डे को जाने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की भीड़ थी और ऐसा लगा कि सब लोग घटनास्थल पर जा रहे हैं.

एक जगह सड़क बंद थी और हमने चालाकी कर सेना की गाड़ी का पीछा किया जो निश्चित रुप से घटनास्थल जा रही है, इसलिए हमें उम्मीद हुई कि हम पहुँच जाएँगे.

सेना की गाड़ी घनी आबादी वाले इलाके में दाखिल हो गई और हम भी इसके साथ जाते गए. घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर तक पहुँचने में कामयाब हो गए और फिर गाड़ी से उतर कर पैदल चलना शुरू किया.

तमाशबीन

भारी बारिश के कारण रास्ता कीचड़ से भरा हुआ था और उस रास्ते पर भी गाड़ियों की लंबी लाइनें थी और लोगों की भीड़ भी काफी थी, जिसमें ज्यादातर भीड़ तमाशा देखने वालों की थी.

जब मैं घटनास्थल पहुँचा, तो देखा कि एक तरफ घर था और दूसरी तरफ एक बड़ा सा खाली प्लॉट था, जिसमें कई लोग थे और वे अपने मोबाइल फोन्स की टॉर्च की मदद से शवों की तलाश कर रहे थे.

एक घर के बिल्कुल निकट विमान की तीन सीट्स पड़ी हुई थी, जिसमें शव थे लेकिन पता नहीं चल पा रहा था कि उसमें तीन शव हैं या एक.

शवों की पहचान करना बहुत मुश्किल था और बुरी तरीके से कटे और फटे हुए. वहाँ पर मौजूद एक व्यक्ति ने आवाज़ दी कि यह शव महिला का है.

राहतकार्य

वहाँ पर तबाही और बर्बादी के खराब दृश्य थे और हर तरफ विमान के टुकड़े और शव बिखरे पड़े थे और लोग कपड़े की पोटलियों में शवों को इकट्ठा कर रहे थे.

जिस तरह की तबाही थी, उसे लगा कि किसी भी यात्री के बचने की कोई उम्मीद नहीं थी. राहतकार्य जोर-व-शोर से जारी था और सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया.

विमान का कुछ हिस्सा घरों पर भी गिरा था और दो तीन दीवारें गिरी हुई देखी लेकिन सेना के जवान वहाँ तैनात थे और किसी को पास आने नहीं दे रहे थे.

वहाँ पर मौजूद गाँव वालों ने बताया कि विमान में बड़ा धमाका हुआ जिसके बाद उसके टुकड़े गाँव पर आ गिरे.

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