अदालती फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

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Image caption अदालती फैसले के बाद पीपुल्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री गिलानी के समर्थन में नारे लगाए.

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट की ओर से अदालत की अवमानना के मामले में प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को सुनाई गई सजा के खिलाफ पीपुल्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.

यह विरोध प्रदर्शन अदालत की ओर से फैसले आने के तुरंत बाद शुरु हो गए.

इससे पहले गुरूवार की सुबह सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय खंडपीठ ने अदालत की अवमानना के मामले में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को सजा सुनाई.

अदालत ने अपना संक्षिप्त फैसला सुनाते हुए प्रधानमंत्री को दोषी करार दिया और कहा कि जानबूझ कर अदालत की उपेक्षा की गई है और फैसलों पर अमल न कर अदालत की खिल्ली उड़ाई गई है.

अदालती फैसले के विरोध में सिंध के जिले मीरपुर खास, सखर, नवाबशाह, घोटकी, नौहराफीरोज, खैरपुर और थरपारकर में दुकानें बंद हो गईं और पीपुल्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश में आकर टायरों को आग लगा दी.

कुछ लोगों ने कराची में टायर जला कर मुख्य मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया और शहर के लयारी इलाके में भीषण गोलीबारी गई.

हैदराबाद में भी पीपुल्स पार्टी और उसके समर्थक दलों ने अदालती फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और इस फैसले को लोकतंत्र के खिलाफ साजिश करार दिया.

प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के पैतृक शहर मुल्तान में भी लोगों ने फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उनके समर्थन में नारे लगाए.

'इस्तीफे की माँग'

दूसरी ओर विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से तुरंत पद छोड़ने की माँग की.

उन्होंने निजी टीवी चैनल जियो न्यूज़ को दिए गए इंटरव्यू में कहा, “सजा वाले प्रधानमंत्री के होते हुए संसद का मजाक उड़ रहा है. अदालती फैसले का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.”

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला हक और सच पर आधारित है और उन्हें इस फैसले से खुशी हुई है.

नवाज शरीफ ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री इस मामले को विस्तार देंगे तो देश को एक नए संकट का सामना करना होगा और उनको चाहिए कि वह देश को और संकट में न डालें.

उधर प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई, जिसमें अदालती फैसले के बाद की स्थिति पर विचार किया गया.

बैठक के बाद प्रधानमंत्री के वकील और वरिष्ठ पीपीपी नेता ऐतजाज अहसन ने कहा कि मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्णय लिया है.

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