'अमरीका पाकिस्तान को बना रहा है बलि का बकरा'

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Image caption कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल खालिद रब्बानी का कहना है पाकिस्तान को बलि का बकरा बनाना चाहता है.

पाकिस्तानी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल खालिद रब्बानी ने अमरीका पर आरोप लगाया है कि वह अफगानिस्तान में अपनी असफलता के कारण पाकिस्तान को बलि का बकरा बनाना चाहता है.

पाकिस्तान के सीमांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में लेफ्टिनेंट जनरल खालिद रब्बानी ने यह बात समाचार एजेंसी एपी से बात करते हुए कही.

रब्बानी ने कहा कि अमरीका द्वारा अफगानिस्तान में चरमपंथियों के साथ बातचीत करने की स्थिति में पाकिस्तान से उसकी धरती पर सभी चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई की अपेक्षा ना रखी जाए.

'दोहरे मापदंड'

कोर कमांडर पेशावर लेफ्टिनेंट जनरल खालिद रब्बानी ने कहा, "अमरीका अपनी उंगलियां हम पर क्यों उठाता हैं? यह तो अपना दोष किसी और पर डालना है."

रब्बानी ने आगे कहा, " क्या अफगानिस्तान में तालिबान का खात्मा हो गया है? वहां लाखों तालिबान हैं. "

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी सेना के कमांडर का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब सोमवार को पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े उत्तरी वज़ीरिस्तान में चरमपंथियों ने 13 पाकिस्तानी सैनिकों का सिर कलम कर दिए थे.

अमरीका और नेटो सेना का कहना है कि पाकिस्तान उत्तरी वज़ीरिस्तान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर सभी चरमपंथी गुटों को निशाना बनाए.

उनका कहना है कि पाकिस्तानी धरती पर अफगान चरमपंथियों को मिल रहे समर्थन की वजह से अफ़ग़ानिस्तान में विदेशी सेनाओं को चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

जनरल रब्बानी ने कहा "अमरीका और नेटो सेना अफगानिस्तान में चरमपंथियों से शांति समझौते के लिए बात कर रहे हैं. अगर सीमा पार भी यही सच है तो फिर हमारे लिए ऐसा करना क्यों मना है?"

बढ़ता तनाव

याद रहे कि पिछले नवंबर अफगान सीमा के साथ पाकिस्तानी सैनिक चौकी पर नेटो सेना के हमले में चौबीस पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे जिसके बाद पाकिस्तान और अमरीका संबंधों में तनाव आ गया था.

इस हमले पर गुस्से जताते हुए पाकिस्तान ने अमेरिका से माफी मांगने की मांग की थी और अफगानिस्तान में तैनात नाटो सेना के लिए अपने ज़मीनी रास्ते बंद कर दिए थे. लेकिन नेटो और अमरीका ने जांच के बाद इस हमले को गलतफहमी पर आधारित करार देकर माफी मांगने से इनकार कर दिया था.

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