भारत-पाक सम्मेलन एक साजिश: हाफिज सईद

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Image caption हाफिज सईद ने आरोप लगाया कि भारत पाकिस्तान को दबाना चाहता है

प्रतिबंधित संगठन लश्करे तैबा के संस्थापक और जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद ने लाहौर में एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि 'अमन की आशा' के नाम से भारत और पाकिस्तान के व्यापारियों का सम्मेलन एक साज़िश है और भारत पाकिस्तान को दबाना चाहता है.

भारत हाफिज सईद पर मुंबई हमलों के मुख्य सजिशकर्ता होने का आरोप लगाता है और हाल में अमरीका ने हाफिज सईद की गिरफ्तारी और उन्हें अदालत में दोषी ठहराने के सबूत देने वाले व्यक्ति को एक करोड़ डॉलर का पुरस्कार देने की घोषणा की है.

जमात-उद-दावा ने भारत और पाकिस्तान के उद्योगपतियों और व्यापारियों के सम्मेलन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

अमन की आशा के मंच पर भारत और पाकिस्तान के व्यापारियों और उद्योगपतियों के सम्मेलन के खत्म होने के तुरंत बाद लाहौर प्रेस क्लब के सामने यह विरोध प्रदर्शन किया गया.

जमात-उद-दावा के कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और प्ले कार्ड उठा रखे थे, जिनपर ‘इंडिया से दोस्ती, पाकिस्तान से गद्दारी’ और ‘व्यापार नहीं कश्मीर की आज़ादी’ जैसे नारे लिखे हुए थे.

प्रधानमंत्री गिलानी की भी आलोचना

उन्होंने कहा कि भारत से व्यापार तब तक नहीं हो सकता जब तक कश्मीर का मुद्दा हल नहीं होता और कश्मीर के आजाद होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.

उन्होंने प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी के उस बयान की भी कड़ी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि नॉन स्टेट ऐक्टर्स भारत और पाकिस्तान के संबंधों को ख़राब कर सकते हैं और उन्हें रोकना होगा.

हाफिज़ सईद ने कहा, "नॉन स्टेट ऐक्टर्स की बात करने वाले स्टेट ऐक्टर्स अपने किरदार पर नज़र डालें और किसी की आलोचना न करें."

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ और वरिष्ठ राजनेता और पूर्व क्रिकेटर इमार खान की भी कड़ी आलोचना की भारतीय व्यापारियों का स्वागत करने की आलोचना की है.

उन्होंने कहा कि अगर नवाज़ शरीफ और इराम खान इस साज़िश का हिस्सा बनेंगे तो जनता उन दोनों को जनता रिजेक्ट कर देगी.

हाफिज़ सईद ने कहा कि भारत और अमरीका पिछले सालों से उनके खिलाफ सबूत तलाश रहे हैं लेकिन दोनों देश नाकाम रहे हैं.

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