नेटो आपूर्ति मामले में पाक ने रुख़ नरम किया

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पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने कहा है कि छह महीने तक नेटो को सामान की आपूर्ति बंद करने के बाद अब इसमें ढील देने का वक्त आ गया है. ये आपूर्ति पाक सैनिकों पर नेटो के हवाई हमले के बाद से बंद है.

पिछले साल नवंबर में नेटो हैलिकॉप्टरों ने कबायली इलाके मोहमंद ऐजंसी में पाकिस्तानी सैन्य चौकी पर हमला किया था, जिसमें 24 सैनिक मारे गए थे. उसके बाद पाकिस्तानी सरकार ने अफगानिस्तान में मौजूद नेटो सेना के लिए खाद्य और अन्य सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगा दी थी.

खर ने कहा है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान और वहाँ मौजूद अन्य देशों के लिए कठिनाईयाँ खड़ी करने वाला नहीं बल्कि सहज बनने वाला देश बनना चाहता है.

विदेशमंत्री इस्लामाबाद में एक प्रेसवार्ता में बोल रहीं थी. पत्रकार वार्ता का उद्देश्य प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के ताजे ब्रिटेन के दौरे से पत्रकारों को विस्तृत जानकारी देना था, लेकिन इसमें पाक-अमरीका संबंध और नेटो आपूर्ति का मामला छाया रहा.

'सकारात्मक दिशा में बातचीत'

हिना रब्बानी खर ने पत्रकारों को बताया कि नेटो सेना के लिए सामान और अन्य सामग्री की आपूर्ति पर लगी रोक को हटाने के लिए अमरीका से सकारात्मक दिशा में बातचीत हो रही है.

उन्होंने कहा, “हमें दस सालों तक नेटो की आपूर्ति का कोई भुगतान नहीं किया गया जबकि इसकी वजह से हमारी सड़कों और सुरक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा. हमने ये सब इसलिए किया क्योंकि हम अफगानिस्तान में कठिनाईयां खड़ी करने वाला देश नहीं बनना चाहते हैं.”

विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अपनी भूमिका अदा करता रहेगा और पाकिस्तान की इच्छा है कि भविष्य उस भूमिका की प्रशंसा और कद्र की जाए.

उन्होंने बताया कि नेटो हमले के बाद पाकिस्तान ने अमरीका के साथ अपने संबंधों की समीक्षा की और इस मामले को संसद में ले जाया गया.

उनके मुताबिक संसद के प्रस्तावों की रोशनी में इस मामले पर विचार विमर्श किया जा रहा है और प्रस्तावों में भी स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि पाकिस्तान को अपनी सहयोग नीति को जारी रखना चाहिए.

पाकिस्तान का हित

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Image caption सोमवार को इस्लामाबाद में प्रेसवार्ता के बाद पत्रकारों ने अनौपचारिक

नेटो हैलिकॉप्टों की ओर से किए गए हमले पर अमरीका की ओर से माफी पर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा, “संसद ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अमरीका की ओर से माफी आनी चाहिए और हमने अमरीका को कह दिया है.”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए अपनी भूमिका अदा करता रहेगा क्योंकि इसमें पाकिस्तान का ही हित है.

इससे पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री यूकुफ़ रजा गिलानी, सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक परवेज कियानी और विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर सहित कई वरिष्ठ मंत्री भी शामिल थे.

बैठक में इस क्षेत्र की सुरक्षा की बिगड़ी हुई स्थिति, पाक-अमरीका संबंध और नेटो सेना के लिए सामान की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर बातचीत की गई.

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