'हिंदूओं का अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान'

मुकेश चावला
Image caption सिंध के राजस्व को बढ़ाने में मुकेश चावला का बड़ा योगदान है और उन्होंने प्रांत में टैक्स सिस्टम को मजबूत किया है.

पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों को हमेशा से ही समस्याओं का सामना रहा है और वह समस्याएँ कम नहीं हुई हैं, लेकिन कुछ ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने इन सब दिक्कतों के बावजूद समाज में अपना स्थान बनाए रखा है. उनके योगदान को पूरे देश में कदर की निगाह से देखा जा रहा है.

बीबीसी हिंदी ने कुछ ऐसे ही खास शख्सियतों से बातचीत की है. इस शृंखला की तीसरी कड़ी में सिंध प्रांत के आयात शुल्क एवं कर मंत्री मुकेश चावला से बातचीत.

सिंध प्रांत के आयात शुल्क एवं कर मंत्री का पद एक ऐसे व्यक्ति के पास है, जिसकी वजह से प्रांत के राजस्व में दुगुनी बढ़ोतरी हुई है.

उस व्यक्ति का नाम मुकेश कुमार चावला हैं जिन्होंने पिछले चार सालों से आयात शुल्क एवं कर मंत्री का पद संभाला हुआ है और वे पहली बार 2008 के चुनावों के बाद प्रांतीय मंत्री बने थे.

राजनीति विरासत में मिली

उन्होंने वर्ष 2002 में राजनीति में कदम रखा है और पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के कार्यकाल के दौरान हुए आम चुनावों के बाद सिंध विधानसभा के सदस्य बने.

उनके पिता भगवानदास चावला पाकिस्तान के वरिष्ठ व्यापारी थे और वे तीन बार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की टिकट पर सांसद बने थे. उन्होंने संसद में अल्पसंख्यकों विशेषकर हिंदूओं के अधिकारों के लिए काफी आवाज़ उठाई थी.

भगवानदास चावला जब बीमार पड़े गए तो उन्होंने यह ज़िम्मेदारी अपने बेटे मुकेश कुमार चावला को दे दी और वे आज तक इसको निभा रहे हैं.

मुकेश चावला ने बचपन में अपने पिता को राजनीति में काफी सक्रिय और अपने समुदाय के लिए आवाज़ उठाते हुए देखा तो उनको भी इस रास्ते पर चलने का शौक पैदा हुआ.

पीपुल्स पार्टी के भीतर उनको एक महनती मंत्री के तौर याद किया जाता है और पार्टी नेतृत्व सिंध प्रांत के राजस्व और टैक्स सिस्टम को ओर मज़बूत करने का श्रय उनको ही देता है.

वे कहते हैं, “जब मैंने यह पद संभाला था तो राजस्व का लक्ष्य 10 अरब रुपय था और शुक्राल्लह हमदोलिल्लाह आज वह लक्ष्य 23 अरब रुपय कर पहुँच गया है, तो आप सोचें 130 प्रतिशत बढ़ा है. और यह एक तारीख़ी कदम है.”

नेटो पर टैक्स लगाने की बात

करीब आठ महीने पहले मुकेश चवला काफी सुर्ख़ियों में रहे थे और उन्होंने कहा था वे अफगानिस्तान के लिए जाने वाले नेटो वाहनों को सिंध की सड़कों पर चलने की अनुमति उस वक़्त देंगे जब वह सिंध सरकार को टैक्स अदा करेंगे.

उनके इस कदम की प्रांत में काफी प्रशंसा की गई थी और बाद में उन्होंने केंद्रीय सराकर को एक पत्र भी लिखा था.

उनके मुताबिक नेटो के वाहन भारी सामान से लदे सिंध की सड़कों से गुज़रते हैं, जिसकी वजह से सकड़ों को नुकसान पहुँच रहा है, इस लिए नेटो सिंध प्रांत को टैक्स अदा करना चाहिए.

जब मैंने उनसे पूछा कि एक हिंदू मंत्री के प्रति दूसरे मंत्रियों का आम तौर पर कैसा व्यहवार होता है तो उन्होंने कहा, “पार्टी एक संयुक्त परिवार है और कोई हमें फर्क महसूस नहीं होता है. सिंध में तीन हिंदू मंत्री अहम पदों पर हैं और वह ज़बरदस्त काम कर रहे हैं.”

उनका कहना था कि उनकी पार्टी ने हमेशा अल्पसंख्यकों के अधिकारों का ख्याल रखा है और उसको हमेशा सुरक्षित बनाया है और यही पीपुल्स पार्टी की खासियत है.

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Image caption सिंध का राजस्व बढ़ाने पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का नेतृत्व मुकेश चावला से बहुत ख़ुश है.

वह कहते हैं कि हिंदू समुदाय को जिनती भी मदद चाहिए पहले पार्टी करती है और इसमें कोई फर्क नहीं होता कि हिंदू समुदाय केवल हिंदू मंत्रियों के पास अपनी अर्ज़ी लेकर जाते हैं.

आर्थिक मदद

वे मानते हैं कि समस्याएं केवल हिंदूओं को नहीं बल्कि सिंध रहने वाले सभी धर्मों के लोगों को हैं और उनकी पार्टी सब की समस्याएं हल करने की कोशिश कर रही है.

पाकिस्तानी समाज में हिंदू समुदाय के योगदान पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदूओं का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान है.

वे कहते हैं, “बुनियादी तौर पर हमारा समुदाय व्यापार से जुड़ा हुआ है और व्यापार किसी भी देश की रीढ़ की हड्डी होता है. हम आर्थिक रुप से अपने देश की बहुत मदद करते हैं.”

उनका कहना था कि अपने देश की मदद करना हिंदू समुदाय का कर्तव्य है क्योंकि जिनता दूसरों का अधिकार है उतना हिंदूओं का भी अधिकार है और यह उनकी मात्रभूमि है.

हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन शादी पर उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया और कहा कि वह मामला अदालत में चल रहा है इस लिए वे इस पर बात नहीं कर सकते हैं.

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