पाकिस्तान: ऐतिहासिक मंदिर के कागजात जलाए गए

पेशावर का शिव मंदिर
Image caption पुलिस ने इस पर कब्जा कर रखा था लेकिन अदालत ने सिंतबर 2011 में हिंदूओं को इस मंदिर मे पूजा करने की अनुमति दी थी.

पाकिस्तान में पुलिस का कहना है कि खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत की राजधानी पेशावर में एक पुराने मंदिर के कुछ दस्तावेजों को कुछ अज्ञात लोगों ने जला दिए है.

पेशावर के एक पुलिस अधिकारी शाहिद खान ने बीबीसी संवाददाता दिलावर खान वजीर को बताया कि रविवार की शाम गोरखटड़ी तहसील के दफ्तर के अंदर मौजूद एक मंदिर के कैलेंडर और कुछ दूसरे कागजों को अज्ञात लोगों ने आग लगा दी.

पुलिस अधिकारी के अनुसार शुरूआती जानकारी से ऐसा लगता है कि मंदिर की निगरानी करने वाले भी इस घटना में शामिल हो सकते हैं.

उनके अनुसार स्थानीय पुरातत्व विभाग और मंदिर की निगरानी करने वाले कुछ हिंदुओं के बीच मंदिर की चाबी को लेकर कुछ दिनों से विवाद चल रहे हैं.

पुलिस ने इस बात का दावा किया है कि मंदिर को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है और ताले भी नहीं तोड़े गए हैं और दरवाजे तोड़ने की भी कोशिश नहीं की गई है.

विवाद

शाहिद खान के अनुसार खबर मिलते ही सोमवार की सुबह भारी संख्या में पुलिस वहां पहुंच गई. पुरातत्व विभाग के लोग भी मंदिर के पास पहुंच गए और तफ्तीश जारी है लेकिन अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

पुरातत्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर के अंदर बस कुछ कागज़ों को आग लगाई गई है.

अधिकारी के अनुसार रमेश नाम के एक व्यक्ति ने खुद ही कागजात को आग लगाई थी और पुलिस को खबर करने से पहले मीडिया को बुला लिया था.

गौरतलब है कि पेशावर हाई कोर्ट ने सितंबर 2011 में हिंदुओं को इस मंदिर में पूजा करने की इजाजत दे दी थी लेकिन मंदिर की चाबी किसके पास रहेगी इसको लेकर पुरातत्व विभाग और निगरानी कर रहे हिंदुओं के बीच विवाद जारी है.

ये मंदिर लगभग 160 साल पुराना है. स्थानीय हिंदुओं की नजर में इस मंदिर की ऐतिहासिक अहमियत है और खास बात ये है कि तहसील दफ्तर के भीतर स्थित है.

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