भारत ने सईद के खिलाफ नए सबूत सौंपे

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Image caption भारत मुम्बई हमलों के लिए हाफिज सईद को जिम्मेदार मानता है

भारत ने जमातुद्दावा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ पाकिस्तान को और सबूत उपलब्ध कराए हैं.

पाकिस्तान की यात्रा पर गए गृह सचिव आर के सिंह ने बताया है कि भारत ने पाकिस्तान को मुम्बई हमलों में हाफिज सईद की भूमिका के बारे में और जानकारी दी है.

इसके अलावा उन्होंने समझौता एक्सप्रेस मामले की जाँच में हो रही प्रगति के बारे में भी पाकिस्तानी अधिकारियों को बताया है.

लेकिन उनका यह भी कहना था कि 2008 के मुम्बई हमलों के तुलना 2007 के समझौता एक्सप्रेस काँड से नहीं की जा सकती. मुम्बई के हमले सीमा पार की गई आतंकी घटना थी जबकि समझौता एक्सप्रेस की घटना देश के अंदर हुई थी.

आर के सिंह ने बताया कि भारत में इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं.

दोनों देशों के गृह सचिवों के बीच हो रही बातचीत में पाकिस्तानी दल का नेतृत्व वहाँ के गृह सचिव सिद्दीक अकबर ख्वाजा कर रहे हैं. गुरुवार को हुई बातचीत में मुख्य रूप से सुरक्षा और और नशीली दवाओं की तस्करी के बारे में चर्चा हुई.

पाकिस्तानी गृह सचिव का कहना था कि दोनों देश यह चाहते हैं कि एक दूसरे के देशों में आने जाने के लिए वीज़ा नियमों को और सरल बनाया जाए.

भारत संतुष्ट नहीं

भारतीय गृह सचिव ने बातचीत की शुरुआत में ही यह साफ कर दिया कि भारत 2008 के मुंबई हमलों की पाकिस्तान द्वारा की जा रही जाँच से संतुष्ट नहीं है.

आरके सिंह का मानना था कि पाकिस्तान में इस हमले से संबंधित कानूनी कार्यवाही काफी धीमी गति से चल रही है. उनके अनुसार इस हमले से जुड़े कई लोगों को तो गिरफ्तार भी नहीं किया गया है.

हाफिज सईद पर आरोप है कि उन्होंने ने ही 2008 में मुम्बई पर हुए हमले की योजना बनाई थी. पाकिस्तान उनके खिलाफ उन सबूतों की माँग करता रहा है जिन्हें अदालत में सिद्ध किया जा सके.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मौअज़्जम खाँ का कहना है, ''इस मामले में हमारी स्थिति बिल्कुल साफ है. अगर किसी के पास हाफिज सईद के खिलाफ कोई सबूत है तो उसे उन्हें हमारे साथ बाँटना चाहिए ताकि हमारी अदालत उनकी जाँच कर सकें.''

भारतीय गृह सचिव का कहना था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह बातचीत सफल रहेगी क्योंकि, ''आतंकवाद हम सब को प्रभावित करता है और हम इसके खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि भारतीय उप महाद्वीप में तेज आर्थिक और सामाजिक विकास के रास्ते में इसके द्वारा पेश किए जा रही बाधाओं से निपटा जा सके.''

दोनों देशों के सचिवों के बीच आखिरी बातचीत पिछले वर्ष मार्च में नई दिल्ली में हुई थी.

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