दोहरी नागरिकता मामले में फंसे रहमान मलिक

रहमान मलिक
Image caption रहमान मलिक के खिलाफ दोहरी नागरिकता का मामला चल रहा है और वह ब्रिटेन के भी नागरिक हैं.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक इन दिनों दोहरी नागरिकता के मामले का सामना कर रहे हैं और अदालत ने उन्हें ब्रिटेन की नागरिकता को खत्म करने का आदेश दिया है.

मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यी खंडपीठ ने सांसदों की दोहरी नागरिकता के मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया.

रहमान मलिक के वकील चौधरी अजहर ने अदालत को बताया कि उनके मुव्वकिल ने ब्रिटेन की नागरिकता का खत्म कर दी है और उन्होंने इस संबंध में कुछ दस्तावेज पेश किए, लेकिन अदालत ने उसे रद्द कर दिया.

अदालत का कहना है कि जो दस्तावेज पेश किए गए हैं वह विश्वसनीय नहीं हैं और ऐसा लगता है कि यह दस्तावेज कंप्यूटर से निकाल कर पेश किए गए हैं.

अदालत की फटकार

मुख्य न्यायधीश ने चेतावनी दी कि अगली सुनवाई में अगर सही दस्तावेज पेश न किए गए तो रहमान मलिक की संसद की सदस्यता को खत्म कर दिया जाएगा.

बीबीसी संवाददाता शहजाद मलिक के मुताबिक पाकिस्तानी संविधान के अनुसार दोहरी नागरिकता वाला कोई भी पाकिस्तानी नागरिक संसद का सदस्य नहीं बन सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों सत्ताधारी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चार सांसदों के खिलाफ दोहरी नागरिकता का मामला चल रहा है, जिनमें गृह मंत्री रहमान मलिक, अमरीका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी की पत्नि फरहनाज इस्फहानी और दो अन्य शामिल हैं.

अदालत ने गत शुक्रवार को फरहनाज इस्फहानी की संसद की सदस्यता रद्द कर दी थी क्योंकि उनके पास अमरीकी नागरिकता है.

अटर्नी जनरल इरफान कादिर ने अदालत को बताया कि उन्होंने दोहरी नागरिकता रखते वाले सांसदों की जानकारी के लिए कानून मंत्रालय को लिखा है लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.

पाकिस्तानी संसद के कुल 446 सदस्य हैं और उन में से दोहरी नागरिकता वाले कितने हैं चुनाव आयोग को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि दोहरी नागरिकता रखने वाले पाकिस्तानी चुनाव लड़ सकते हैं और इसपर कोई प्रतिबंध नहीं है.

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