ड्रोन हमलों पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई

 शुक्रवार, 8 जून, 2012 को 03:59 IST तक के समाचार
ड्रोन

शुरुआत में तो अमरीका ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी भी सार्वजनिक रुप से स्वीकार नहीं करता था

संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार उच्चायुक्त नवी पिल्लई ने कहा है कि पाकिस्तान में अमरीकी ड्रोन हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.

पाकिस्तान में नवी पिल्लई ने इन हमलों पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा कि इन हमलों के पीछे कोई पारदर्शी सैन्य ढाँचा नहीं होता.

बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता का कहना है कि ड्रोन हमले अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की ओर से किए जाते हैं जो गोपनीय ढंग से काम करती है.

मानवाधिकार उच्चायुक्त का बयान ऐसे समय में आया है जब अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा ने ड्रोन हमलों को उचित ठहराया है और साफ़ कहा है कि ये हमले जारी रहेंगे.

दूसरी ओर सोमवार को हुए एक ड्रोन में हमले में अल-कायदा के नंबर दो नेता अबू याहया अल-लिबी के मारे जाने के बाद मंगलवार को पाकिस्तान ने अमरीका से इन ड्रोन हमलों को लेकर एक बार फिर शिकायत की है.

चिंता

नवी पिल्लई

नवी पिल्लई ने ड्रोन हमलों के अलावा भी कई सवाल उठाए हैं

अमरीका का तर्क है कि चूंकि अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के कबायली इलाकों में अल-कायदा और तालिबान की गतिविधियाँ बहुत अधिक हैं इसलिए वहाँ चालक रहित विमान यानी ड्रोन से हमले की कारगर हथियार हैं.

लेकिन नवी पिल्लई का कहना है कि इन ड्रोन हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन के लिए जवाबदेही तय करना कठिन होता है क्योंकि ये हमले किसी पारदर्शी सैन्य ढाँचे की ओर से संचालित नहीं होते.

उनका कहना है कि ये किसी पारदर्शी असैन्य या सैन्य नियंत्रण के परे किए जा रहे हमले हैं.

पाकिस्तान में एक जाँच अभियान की समाप्ति के बाद इस्लामाबाद में एक प्रेसकॉन्फ़्रेंस में नवी पिल्लई ने कहा कि आतंकवाद और विद्रोह के ख़िलाफ़ चल रही लड़ाई में नियमों के उल्लंघन की शिकायतों से वे चिंतित हैं.

संयुक्त राष्ट्र की उच्चायुक्त ने कहा, "इसमें गैरकानूनी हत्याएँ, अनधिकृत रुप से हिरासत में लिया जाना और लोगों का लापता होना शामिल है."

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार गुरुवार को ही एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में ड्रोन हमलों में बढ़ोत्तरी की वजह अमरीका की ये निराशा है कि पाकिस्तान अल-कायदा विद्रोहियों के सीमापार करके अफगानिस्तान में जाने पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहा है.

विरोध

पाकिस्तानी सैनिक

पाकिस्तानी सेना भी जाहिर तौर पर ड्रोन हमलों का विरोध करती है

बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता का कहना है कि नियमों के उल्लंघन की बात इसलिए सामने आती है क्योंकि ड्रोन हमले अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की ओर से करवाए जाते हैं न कि अमरीकी सेना की ओर से और चूंकि ये सेना की ओर से नहीं करवाए जाते ये गोपनीय भी होते हैं.

उनका कहना है कि चूंकि पाकिस्तान इस समय किसी के साथ युद्धरत नहीं है इसलिए आलोचक कहते हैं कि ऐसे में किसी भी देश के भीतर हमले करना गैरकानूनी है.

लेकिन अमरीका साफ़ कहता है कि वह ड्रोन हमले जारी रखेगा.

पाकिस्तान में ड्रोन हमलों को लेकर बड़ा विरोध होता है क्योंकि लोग मानते हैं कि ये पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन है और बहुत से लोग मानते हैं कि इसमें ज्यादातर आम नागरिक ही मारे जाते हैं.

हालांकि अमरीका इस बात का खंडन करता है कि हमलों में आम नागरिक मारे जाते हैं.

संप्रभुता के उल्लंघन के आरोपों को लेकर भी संदेह जताए जाते हैं क्योंकि माना जाता है कि पाकिस्तान सरकार और सेना का एक प्रभावशाली हिस्सा इन हमलों का समर्थन करता है.

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