गिलानी मामले में कब क्या हुआ

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Image caption यूसुफ रजा गिलानी को अदालत की अवमानना का दोषी पाया गया था.

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना के आरोप में प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को अयोग्य करार दिया है और चुनाव आयोग से कहा कि वह इस संबंध में अधिसूचना जारी करें.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी पर आरोप था कि उन्होंने राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी के ख़िलाफ दायर भ्रष्टाचार के मामले खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र न लिख कर अदालत की अवमानना की है.

प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के खिलाफ हुए अदालत की अवामानना के मामले की टाइम लाइन कुछ इस तरह से है.

16 जनवरी – जस्टिस नासिरुल मुल्क की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय खंडपीठ ने भ्रष्टचार के मामलों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी कर दिया और उन्हें 19 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया.

17 जनवरी – प्रधानमंत्री ने संसद को संबोधित करते हुए कहा कि वह अदालत का सम्मान करते हैं और 19 जनवरी को खुद अदालत में पेश होंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि सभी संस्थान संविधानों को अपनी सीमा में रहते हुए काम करना चाहिए. उन्होंने बाद में वरिष्ठ वकील ऐतिजाज एहसन के मुलाकात की और उन्हें अपना वकील नियुक्त कर दिया.

19 जनवरी – प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी अपने वकील ऐतिजाज एहसन के साथ ख़ुद गाड़ी चला कर सुप्रीम कोर्ट पहुँचे. अदालत ने उन्हें कहा कि वे चाहें तो अलगी सुनवाई में पेश नहीं हो सकते हैं और अदालत ने सुनवाई दो फरवरी तक स्थागित कर दी.

02 फरवरी – सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के वकील ऐतिजाज एहसन के दलील को रद्द करते हुए प्रधानमंत्री पर अभियोग लागू कर दिया और उन्हें 13 फरवरी को फिर अदालत में पेश होने का आदेश दिया.

08 फरवरी – प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अदालती फैसले खिलाफ अपील दायर की जिसमें अदालत से आग्रह किया गया कि अभियोग का फैसला खत्म कर नोटिस खारिज किया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ्तिखार चौधरी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय खंडपीठ का गठन किया और 9 फरवरी से अपील पर सुनवाई करने का की घोषणा की.

09 फरवरी – अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ़ दायर भ्रष्टाचार के मामले खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र लिखें तो मुकदमा खारिज किया जाएगा.

12 फरवरी – प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि ‘मुझे नहीं लगता कि अदालत सज़ा देगी.’

13 फरवरी – सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री गिलानी पर अभियोग लागू कर दिया और अदालत ने सुनवाई 28 फरवरी तक स्थागित कर दी.

08 मार्च – सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की अवमानना के मुकदमे में प्रधानमंत्री को 19 मार्च को अपना लिखित बयान पेश करने का आदेश दिया.

19 मार्च – प्रधानमंत्री की ओर से अदालत में पेश किए गए लिखित बयान में बताया गया कि वह राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ दायर भ्रष्टाचार के मुकदमे फिर से खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र नहीं लिखेंगे.

21 मार्च – प्रधानमंत्री गिलानी के वकील ऐतिजाज एहसन ने अदालत पर आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री को बिल्कुल नहीं सुन रही है.

12 अप्रैल – सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय खंडीठ के प्रमुख जस्टिस नासिरुल मुल्क का कहना था कि राष्ट्रपति जरदारी का पद खत्म होने तक पत्र लिखने का मामला अगर स्थागित कर दिया गया तो फिर यह अदालती फैसले का उल्लंघन होगा.

24 अप्रैल – सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री गिलानी के खिलाफ दायर अदालत की अवमानना के मुकदमे में फैसला सुरक्षित करते हुए 26 अप्रैल को फैसला सुनाने की घोषणा की और प्रधानमंत्री को अदालत में पेश होने का आदेश दिया.

26 अप्रैल – सुप्रीम कोर्ट ने अदालत का फैसला न मानने पर प्रधानमंत्री गिलानी को दोषी करार दिया और उन्हें सजा सुना दी. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय ऐसेंबली की अध्यक्ष को फहमीदा मिर्जा को प्रधानमंत्री गिलानी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखा.

24 मई – राष्ट्रीय ऐसेंबली की अध्यक्ष फहमीदा मिर्जा ने अदालत के फैसले को रद्द कर दिया.

28 मई – विपक्षी पार्टी मुस्लिम लीग नवाज और इमरान खान के राजनीतिक दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इनसाफ ने प्रधानमंत्री को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दीं.

14 जून - पाकिस्तानी संसद के निचले सदन राष्ट्रीय ऐसेंबली ने प्रस्ताव पारित किया, जिसनें कहा गया कि प्रधानमंत्री अयोग्य क़रार देने के बारे में संसद की अध्यक्ष की रोलिंग को संविधान के मुताबिक किसी मंच पर चुनौती नहीं दी जा सकती.

18 जून – अटर्नी जनरल इरफान कादिर ने प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी का समर्थन करते हुए कहा कि अदालत प्रधानमंत्री के मामले में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जा रही है.

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