आईएसआई प्रमुख अमरीकी यात्रा पर

 मंगलवार, 31 जुलाई, 2012 को 19:00 IST तक के समाचार
नेटो वाहन

अफ़ग़ानिस्तान में नेटो सेना के लिए सामान की आपूर्ति पर पाकिस्तान और अमरीका के बीच संबंधों में तनाव है.

पाकिस्तान की ख़ुफ़िया ऐजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ज़हीरुल इस्लाम तीन दिवसीय यात्रा पर अमरीका जा रहे हैं.

लेफ्टिनेंट जनरल ज़हीरुल इस्लाम ऐसे समय में अमरीका जा रहे हैं जब दोनों देशों के बीच अफ़ग़ानिस्तान में नेटो सेना के लिए सामान का आपूर्ति को लेकर संबंधों में काफ़ी तनाव चल रहा है.

इसी साल मार्च में जनरल अहमद शुजा पाशा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने आईएसआई के प्रमुख का पद संभाला था और उनकी यह पहली अमरीका यात्रा है.

पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल ज़हीरुल इस्लाम पहली अगस्त से तीन तक अमरीका की यात्रा कर रहे हैं और उनकी यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करना है.

जानकारी का आदान-प्रदान

उनके मुताबिक़ अपनी यात्रा के दौरान आईएसआई प्रमुख अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के प्रमुख जनरल डेविड पेट्रयास और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे.

अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों की ख़ुफ़िया एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने और ख़ुफ़िया जानकारी की आदान-प्रदान पर भी बातचीत होगी.

साझा रणनीति

"हम ड्रोन हमले बंद करवाने के लिए दबाव डालेंगे. अगर हम सहयोगी हैं तो हमें मिल कर अपने साझा दुश्मन के ख़िलाफ़ साझा रणनीति बनानी चाहिए."

रहमान मलिक, पाकिस्तानी गृह मंत्री

उसे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने दुबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जनरल ज़हीरुल इस्लाम कबायली इलाक़ों में हो रहे ड्रोन हमलों को बंद करवाने के लिए अमरीकी अधिकारियों से बातचीत करेंगे.

उन्होंने कहा, “हम ड्रोन हमले बंद करवाने के लिए दबाव डालेंगे. अगर हम सहयोगी हैं तो हमें मिल कर अपने साझा दुश्मन के ख़िलाफ़ साझा रणनीति बनानी चाहिए.”

ड्रोन हमलों का विरोध

उन्होंने अमीद जताई कि जनरल ज़हीरुल इस्लाम की यात्रा के सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और कहा कि संबंधों को बहतर करने के लिए काफ़ी समय से बातचीत चल रही है.

ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के क़बयली इलाक़ों में पिछले कई सालों से लगातार अमरीकी ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिसमें कई वरिष्ठ चरमपंथी भी मारे गए हैं.

भारी घरेलू डबाव के बाद अब पाकिस्तानी सरकार इन ड्रोन हमलों को विरोध कर रही है और उसे तुंरत बंद करनी की माँग कर रही है.

साथ ही पाकिस्तानी अधिकारियों की अमरीका से यह भी मांग है कि ड्रोन तकनीक उसे दें और वह ख़ुद हमले करेंगे, लेकिन अमरीका ने इस संबंध में कोई संकेत नहीं दिए हैं.

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