पाक में अश्लील कार्यक्रम बंद करने का आदेश

पाकिस्तानी टीवी चैनल्स
Image caption अदालत ने ऐसे टीवी कार्यक्रमों को बंद करने का आदेश दिया है, जो अश्लीलता फैला रहे हैं.

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न टीवी चैनलों पर चल रहे कथित अश्लील कार्यक्रम एक हफ्ते में बंद करने का आदेश दिया है.

मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ्तिख़ार चौधरी की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यी खंडपीठ ने यह आदेश मीडिया पर नज़र रखने वाली संस्था पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्यूलेरटी अथॉर्टी को दिए.

अदालत ने पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्यूलेरटी अथॉर्टी यानी पेमरा के अध्यक्ष को भी तलब किया था.

अदालत ने पेमरा के अध्यक्ष से कहा कि विभिन्न टीवी चैनलों पर चल रहे अश्लील कार्यक्रम बंद करवाने के लिए अगर उन पर किसी प्रकार का दबाव है तो अदालत को बताया जाए और अदालत ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे.

अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो ऐसे कार्यक्रमों को बंद करवाने में बड़ी बाधा हैं.

मुख्य न्यायधीश जस्टिस इफ्तिख़ार चौधरी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विभिन्न टीवी चैनल्स पर ऐसे कार्यक्रम दिखाए जाते हैं जिनको परिवार के साथ बैठ कर नहीं देखा जा सकता है.

फैशन शो पर सवाल

ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश जस्टिस वजीहुद्दीन अहमद और धार्मिक गुट जमात-ए-इस्लामी के पूर्व प्रमुख क़ाज़ी हुसैन अहमद ने सुप्रीम कोर्ट में ऐसी याचिका दायर की थी जिसमें अश्लील कार्यक्रम दिखाने वाले टीवी चैनल्स को बंद करने का आग्रह किया गया था.

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक के मुताबिक़ याचिका में किसी टीवी चैनल या किसी विशेष कार्यक्रम का उल्लेख नहीं किया गया था लेकिन यह ज़रुर कहा गया था कि ऐसे चैनल्स पर फैशन शो और अन्य कार्यक्रमों के ज़रिए देश में अश्लीलता फैलाई जा रही है.

याचिका में आगे कहा गया था कि पाकिस्तान में ऑपचारिक रूप से भारतीय टीवी चैनल्स पर प्रतिबंध हैं लेकिन कैबल टीवी ऑप्रेटर पहचान छिपा इन टीवी चैनलों को पाकिस्तान में दिखा रहे हैं.

अदालत ने पेमरा के अध्यक्ष अब्दुल जब्बार से पूछा कि सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों को बंद करने के लिए क्या उपाय लिए हैं और ऐसे टीवी चैनल्स के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई की गई है.

उन्होंने अदालत को बताया कि सरकार के पास अभी तक ऐसे कार्यक्रम को बंद करने के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है.

टीवी चैनल्स के लाईसेंस रद्द

उन्होंने बताया कि टीवी चैनल्स के कार्यक्रमों में हो रही अश्लीलता की व्याख्या करने के लिए इसी साल एक मुहिम शुरु की गई है, जो अभी तक समाप्त नहीं हुई है और न कोई परिणाम निकला है.

लेकिन पेमरा अध्यक्ष ने अदालत को यह भी बताया कि अगर उन्हें ऐसी सूचना मिलती है तो वह टीवी चैनल्स के मालिकों को नोटिस जारी करते हैं और ऐसे चैनल्स के लाईसेंस भी रद्द कर दिए जाते हैं.

अदालत ने पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेग्यूलेरटी अथॉर्टी से ऐसे चैनल्स की सूचि मांगी, जिसे अश्लील कार्यक्रम चलाने पर नोटिस जारे किए गए लेकिन अदालत में ऐसी कोई सूचि अभी तक पेश नहीं की गई.

अदालत ने पेमरा को आदेश दिया कि वह विभिन्न टीवी चैनल्स पर चल रहे अश्लील कार्यक्रमों को बंद कर एक हफ्ते में रिपोर्ट पेश करें.

अदालत ने इस मामले की सुनवाई 13 अगस्त तक स्थागित कर दी.

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