विवादों के बीच रोके गए पाकिस्तानी हिंदू भारत पहुँचे

एक पाकिस्तानी हिंदू परिवार - वाघा-अटारी सीमा पर (पीटीआई फोटो) इमेज कॉपीरइट pti

पाकिस्तान में खासे विवाद के बाद उन दो सौ से ज्यादा हिंदू श्रद्धालुओं को भारत आने की अनुमति दे दी गई जिनके बारे में मीडिया में खबरें थी कि वे हमेशा के लिए पाकिस्तान छोड़ रहे हैं.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन लोगों को वाघा सीमा पर हिरासत में ले रखा था. इसका पाकिस्तान में हिंदुओं के प्रतिनिधियों ने विरोध किया था.

बाद में इन श्रद्धालुओं के प्रवक्ता संतोष पुरी ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों को आश्वासन दिया है कि ये लोग वापस पाकिस्तान लौटेंगे.

समाचार एजेंसियों के अनुसार शुक्रवार शाम को अनेक पाकिस्तानी हिंदुओं ने वाघा-अटारी सीमा चौकी के रास्ते भारत में प्रवेश किया है.

पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाल के वर्षों में कई पाकिस्तानी हिंदू परिवार भारत चले गए हैं और उनका आरोप था कि वे हत्या, अपहरण और जबरन धर्मांतरण से बचना चाहते हैं.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने हिंदू श्रद्धालुओं को शुक्रवार को भारत में प्रवेश की अनुमति दी थी.

वापसी का भरोसा

इससे पहले लाहौर में एक संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “हमें गृह मंत्रालय से आदेश मिला है कि 250 हिंदुओं को भारत जाने की अनुमति दे दी जाए. उन सब के पास वैध यात्रा दस्तावेज हैं.”

इस अधिकारी ने बताया, “इन हिंदूओं के पास अलग अलग भारतीय शहरों में जाने के लिए 33 दिन का वीजा है. हमने मीडिया खबरों के बाद उन्हें अस्थायी रूप से रोका था. इन खबरों में कहा गया था कि ये लोग वापस नहीं आएंगे.”

एफआईए ने इन हिंदू श्रद्धालुओं से बात करने के लिए वाघा चौकी पर अपनी एक टीम भी भेजी.

अधिकारी के मुताबिक, “हिंदूओं ने मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया और एफआईए की टीम को भरोसा दिलाया है कि वे पाकिस्तान लौटेंगे और भारत में पाकिस्तान के खिलाफ कोई बात नहीं कहेंगे.”

हिंदू श्रद्धालु सुबह आठ बजे ही भारत में प्रवेश के लिए वाघा सीमा पर जमा हो गए लेकिन अधिकारियों ने शुरू में दो डॉक्टरों को ही सीमा पार करने दी.

इन दोनों डॉक्टरों के पास ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ थे और शुरू में अधिकारियों ने कहा कि वे सिर्फ उन्हीं लोगों को भारत जाने देंगे जिनके पास ये प्रमाणपत्र होगा.

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