ईशनिंदा: ज़मानत पर गुरुवार को होगी सुनवाई

 मंगलवार, 28 अगस्त, 2012 को 08:47 IST तक के समाचार
अपना घर छोड़कर जाती ईसाई महिलाएं

रिमशा के परिवार के बारे में चिंता जताई जा रही है

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार की गई एक ईसाई लड़की की उम्र और उसकी मानसिक क्षमता जानने के लिए डॉक्टरों ने उसका मेडिकल टेस्ट किया है, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को अदालत के सामने पेश की गई. अदालत ने लड़की की ज़मानत पर सुनवाई गुरुवार को करने का फ़ैसला किया है.

क्लिक करें रिमशा की गिरफ्तारी से ईसाइओं में भय

रिमशा नामक इस लड़की के वकील का कहना है कि उसकी उम्र 11 या 12 वर्ष है और ऐसा लगता है कि वह 'डाउन सिंड्रोम' से पीड़ित है जो दिमागी असंतुलन के लिए जिम्मेदार माना जाता है.

रिमशा को कड़ी सुरक्षा के बीच एक जेल में रखा गया है. आक्रोशित लोगों की भीड़ ने रिमशा पर कुरान के पन्ने जलाने का अभियोग लगाया था.

क्लिक करें पाकिस्तान निष्पक्ष जांच करे: अमरीका

लेकिन रिमशा के समर्थकों का कहना है कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है.

"पुलिस शुरु में इस लड़की को गिरफ्तार करने में हिचकिचा रही थी, लेकिन भारी भीड़ के दबाव की वजह से पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी क्योंकि भीड़ ईसाई लोगों के घरों में आग लगाने की धमकी दे रही थी"

पॉल भट्टी, सद्भावना मंत्री

पुलिस का कहना है कि रिमशा को राजधानी इस्लामाबाद के एक ईसाई इलाके से बीते हफ्ते तब गिरफ्तार किया गया था जब गुस्साई भीड़ ने पवित्र कुरान के कथित अपमान के लिए उसे सजा देने की मांग की थी.

अभी ये पता नहीं चल पाया है कि रिमशा ने कुरान के पन्ने जलाए थे या जले हुए पन्ने उसके बैग में मौजूद थे.

मंत्री ने कहा 'निर्दोष है रिमशा'

रिमशा की मेडिकल जांच की रिपोर्ट मंगलवार को इस्लामाबाद की अदालत में पेश की गई.

ईसाई नेताओं का कहना है कि रिमशा की उम्र 11 साल है, लेकिन कुछ खबरों में कहा गया है कि रिमशा की उम्र इससे ज्यादा हो सकती है और उसकी दिमागी हालत ठीक है.

रिमशा का घर

हमले के डर की वजह से कई ईसाई परिवार अपने घरों को छोड़कर भाग गए हैं

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सदभावना मंत्री पॉल भट्टी का कहना है कि रिमशा निर्दोष है और उसे रिहा किया जाना चाहिए.

उन्होंने बीबीसी से कहा, ''पुलिस शुरू में इस लड़की को गिरफ्तार करने में हिचकिचा रही थी, लेकिन भारी भीड़ के दबाव की वजह से पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी क्योंकि भीड़ ईसाई लोगों के घरों में आग लगाने की धमकी दे रही थी.''

इस्लामाबाद स्थित बीबीसी संवाददाता ओर्ला ग्वेरिन के मुताबिक रिमशा के वकील का कहना है कि बीते हफ्ते जब उन्होंने जेल में उससे मुलाकात की, तब वो रो रही थी और रिहाई के लिए गिड़गिड़ा रही थी.

रिमशा के माता-पिता को खतरे के मद्देनजर ऐहतियातन हिरासत में ले लिया गया था. खबरें हैं कि हमले के डर की वजह से कई ईसाई परिवार अपने घरों को छोड़कर भाग गए हैं.

इस बात की आशंका है कि रिमशा को रिहा किए जाने के बाद भी उसका परिवार पाकिस्तान में सुरक्षित तरीके से नहीं रह पाएगा.

पाकिस्तान में हाल के वर्षों में ईशनिंदा के मामलों से संबद्ध लोगों की हिंसक भीड़ ने हत्या कर दी थी.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.