रिमशा हुईं रिहा, अज्ञात जगह पहुंची

 रविवार, 9 सितंबर, 2012 को 16:15 IST तक के समाचार

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार ईसाई लड़की रिमशा को जमानत मिलने के बाद उसे रावलपिंडी के अडियाला जेल से रिहा कर दिया गया है.

स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को रिमशा की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें पांच पांच लाख रुपये के जमानती मुचकलों पर रिहा करने का आदेश दिया था.

जिला अटार्नी और इस्लामाबाद पुलिस का कहना है कि वह अदालत के इस फैसले को चुनौती देंगे.

शनिवार को पाक वायुसेना के हेलीकॉप्टर से रिमशा को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है. उनके साथ एक महिला भी थीं जिनकी पहचान नहीं हो पाई.

अज्ञात स्थान पर

रिमशा को बख्तर बंद गाड़ी से पास के एक मैंदान में ले जाया गया जहां पहले से पाकिस्तानी वायु सेना का एक हेलिकॉप्टर मौजूद था. रिमशा को इसमें तुरंत स्थानांतरित किया गया. अभी ये साफ नहीं है कि रिमशा को कहाँ ले जाया गया है.

जब रिमशा को जेल से रिहा किया गया तो उन्होंने हरे रंग की सलवार कमीज पहनी हुई थी और हेलीकॉप्टर में बैठाए जाने के वक्त उनका चेहरा चादर से ढक गया था. लेकिन जब वह हेलीकॉप्टर में सवार हुई तो उन्होंने अपने चेहरे से चादर हटा दी.

रिमशा को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया

उनके साथ अज्ञात महिला ने उनका चेहरा फिर ढक दिया.

जब रिमशा को बख्तर बंद गाड़ी से मैंदान में लाया गया तो वहां पहले से ही तैनात पुलिस कमांडो ने गाड़ी को घेर लिया. मैदान में कई स्थानीय लोग जमा थे लेकिन कमांडो ने उन्हें पास नहीं आने दिया.

रिमशा को रिहा किए जाते वक्त जेल के अंदर और बाहर कड़ी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गये थे.

इससे पहले, ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार की गई ईसाई लड़की रिमशा को गिरफ्तारी के तीन हफ्ते बाद जमानत मिल गई है.

रिमशा मसीह पर पवित्र कुरान के पन्ने और संबंधित धार्मिक किताबें जलाने का आरोप लगाया गया था. उनके बस्ते से कुछ जले हुए पन्ने मिले थे लेकिन बाद में एक मुसलमान मौलवी खालिद चिश्ती को उसी इलाके से गिरफ्तार किया गया था.

मौलवी खालिद चिश्ती पर आरोप है कि उन्होंने कुरान के जले हुए पन्ने रिमशा के बस्ते में डाले थे और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी पुष्टि की है.

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ईशनिंदा में पहली बार जमानत

रिमशा पहली ऐसी पाकिस्तानी नागरिक हैं जिन्हे ईशनिंदा के मामले के तहत अभियुक्त होने के बावजूद जमानत मिली है.

पाकिस्तान में ईशनिंदा ऐसा अपराध है जिसमें जमानत नहीं मिलती है.

रिमशा को 16 अगस्त से कड़ी सुरक्षा वाली जेल में रखा गया था .फिलहाल उसकी उम्र और मानसिक क्षमता के बारे में विरोधाभासी रिपोर्टें आ रही हैं.

उसके माता-पिता को भी सुरक्षा कारणों से किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है.

इस्लामाबाद के पास स्थित रिमशा के गाँव से अनेक ईसाई परिवार भयभीत होकर पलायन कर चुके हैं.

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