ईशनिंदा पर हफ़्तों जेल काटने वाली बच्ची बेकसूर !

 रविवार, 23 सितंबर, 2012 को 10:51 IST तक के समाचार
विवादित ईशनिंदा कानून

पाकिस्तान में विवादित ईशनिंदा कानून को लेकर अकसर सवाल उठते रहे हैं.

पाकिस्तान में पुलिस ने कहा है कि उसे ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार ईसाई बच्ची के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं.

रिमशा नाम की इस बच्ची को दो महीने पहले राजधानी इस्लामाबाद में मेरा जाफर गांव से एक व्यक्ति की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार पुलिस ने एक अदालत को बताया है कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि एक स्थानीय इमाम ने इस लड़की को ईशनिंदा के आरोप में फंसाया जबकि कुरान के पन्ने जलाने के आरोप में गिरफ्तार रिमशा के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं.

इस मामले की जांच करने वाले पुलिस अफसर मुनीर जाफरी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ऐसे संकेत मिले हैं कि मेरा जाफर गांव के इमाम ने कुरान के पन्ने उस थैले में डाले जो रिमशा ने उठा रखा था.

जिला अटॉर्नी जनरल ने पुलिस की रिपोर्ट पर कई आपत्ति दर्ज कराई हैं.

चर्चित मामला

पुलिस रिमशा को 'फंसाने वाले' इमाम को गिरफ्तार कर चुकी है और फिलहाल उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया है.

पाकिस्तान में मानवाधिकार संगठनों ने रिमशा की गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की थी. अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इस मुद्दे ने काफी सुर्खियों बटोरीं. इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा क्योंकि बच्ची की उम्र और मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए गए.

तीन हफ्तों तक रावलपिंडी की जेल में रहने के बाद इसी महीने रिमशा को पांच-पांच लाख रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दे दी गई और उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर रखा गया है.

पाकिस्तान के इतिहास में रिमशा ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार होने वाली सबसे कम उम्र की आरोपित बच्ची हैं.

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